मुस्कुराहट से ही…. हैं आप

मुस्कुराता हुआ चेहरा सब को अच्छा लगता है

  

ॐ शाँति..….मुस्कान प्रेम की भाषा है, ईश्वर के द्वारा दी गई सभी शारीरिक भंगीमाओं में श्रेष्ठ है मुस्कान..….😊 मुस्कुराता हुआ चेहरा सब को अच्छा लगता है, रोते हुए चेहरे कोई पसंद नहीं करता है।
 इस लेख में....
  1.  मुस्कुराहट क्या कहती है..
  2.  मुस्कान सौंदर्य पैदा करती है..
  3. मुस्कुराहट दिल का कनेक्शन जोड़ती है.. बताती है.. आपका स्थान इस दिल में सुरक्षित है..
  4. मुस्कान दिलों की भाषा है..
  5. मन की मुस्कान चेहरे को दमकाती है..
  6. मुस्कान परिस्थितियों पर विजय दिलाती है..
  7. मुस्कान एक औषधि है..
  8. मुस्कान मित्रता की भाषा है..
  9. मुस्कान संक्रामक है..

 निष्कर्ष

  मुस्कुराने के लिए, हन गंभीर मुख मुद्रा को उतार फेंके,

 मुस्कान के लिए एक मसखरापन ओढ़ ले

"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……

स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।

स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।

 

मुस्कुराहट क्या करती है


मुस्कुराहट सारे वातावरण में चमक ला देती है। जैसे :- 4 लोग बैठे हैं, गुमसुम से किसी के मुंह पर मुस्कुराहट नहीं है, क्या रस आएगा उनसे मिलने में? पर उसी समय एक व्यक्ति आता है,और वह स्वयं मुस्कुराता है, और मधुर मुस्कान के साथ एक ऐसी बात छेड़ देता है कि सारा वातावरण ही बदल जाता है, सुस्ती और उदासी के स्थान पर हास्य और विनोद के फव्वारे फूट पड़ते हैं.....अब आप ही बताइए कि आप किससे मिलना पसंद करेंगे??

दुनिया भर की चिंता और उदासी में मुर्दा सा चेहरा लिए जो बैठा है, उनसे मिलने पर क्या मिलेगा ? किसी ने ठीक ही कहा है :- उदासी जिन चेहरों का श्रृंगार करती है, उन पर बैठने से मक्खियां भी इंकार करती हैं !


मुस्कान सौंदर्य पैदा करती है

मुस्कुराहट जीवन की अमूल्य निधि है, यद्यपि यह खरीदी नहीं जा सकती है,ना उधर दी जा सकती है, ना चुराई जा सकती है, क्योंकि जब तक यह दी नहीं जाती, तब तक किसी के भी कुछ काम की नहीं होती !

  फिर भी यह ना भूलें, कि यह देने से समाप्त नहीं होगी, बल्कि बढ़ेगी ! यह हमारे अपने अधिकार की वस्तु है, जब चाहे, तब दे सकते हैं ! फिर इसे देने के लिए कंजूस क्यों बनते हैं!

  यदि कुदरत ने सौंदर्य कम दिया है, तो मिलने वालों से मुस्कुरा कर बातें करना सीख जाइए... मुस्कान सौंदर्य की कमी को पूरा ही नहीं करेगी.... बल्कि एक नया सौंदर्य पैदा कर देगी !😊

मुस्कराहट के बिना सौन्दर्य ही नहीं



मुस्कराहट आपका सौंदर्य बढ़ा  देती है




मुस्कुराहट दिल का कनेक्शन जोड़ती है


वास्तव में मुस्कुराहट वह चीज है... जो आपसे लेती कुछ नहीं है, और देती बहुत कुछ है ! इसके लिए एक नया पैसा भी खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती है, किंतु यह पैदा बहुत करती है, इसे पाने वाले निहाल हो जाते हैं, लेकिन इसे देने वाले कभी दरिद्र नहीं होते!

मुस्कान एक क्षण में उत्पन्न होती है, लेकिन इसकी स्मृति सदैव के लिए कायम रह जाती है, जैसे... आपके घर में कोई अतिथि आया..और आपने मधुर मुस्कान के साथ उसका स्वागत किया, तो वह सारी थकावट भूल जाएगा और उसके मन पर मुस्कुराहट दौड़ जाएगी । दोनों की मीठी मुस्कान बोल पड़ेगी कि आपके लिए इस दिल में स्थान सुरक्षित है!!😊


मन की मुस्कान चेहरे को दमकाती है


मुस्कुराहट सजे सजाए घर के समान है, मनुष्य को रोने के लिए नहीं बनाया गया मुस्कुराने के लिए बनाया गया है।

  याद रखिए, आपके मन में मुस्कुराहट है....तो वही आपके चेहरे को दमकाती रहेगी!! अरे प्रकृति को देखिए...जो हमेशा फूलों, हरी पत्तियों,चांद, सूरज के जरिए मुस्कुराती है! तो फिर हम क्यों नहीं मुस्कुराते हुए अपने जीवन को सुखी बनाते हैं!


मुस्कान परिस्थितियों पर विजय दिलाती है 


एक अमेरिकन धनपति से उनकी सफलता का राज पूछा गया, तो वह बोले, मेरी सफलता का एक ही रहस्य है.... वह है मेरी मुस्कुराहट ! मैं हर हालत में मुस्कुराता रहता हूं। यह नहीं है कि मेरे जीवन में मुसीबत कभी आयी ना हो । मुसीबत मेरे पास भी आई और उसने मुझे खाली कर दिया, मेरी करोड़ों की संपत्ति समाप्त हो गई और कारोबार चौपट हो गया। मुसीबत में मेरा सब कुछ छिन गया, परंतु वह मेरे मन की प्रसन्नता और मुख की मुस्कान ना छी न सकी। इसलिए उसे मेरे सामने पराजित होना पड़ा और मेरी संपत्ति भी लौट आई।


 मुस्कान परमात्मा की भाषा है

इसीलिए हर देवता के चित्र और मूर्ति मुस्कुराती हुई बनायीं जाती है। हम सब आत्माएं सर्वशक्तिमान परमात्मा की संतान है। हम उनकी सर्वश्रेष्ठ रचना है, हमारे अंदर वह हुनर मौजूद है..स्वयं परमात्मा ने दिया है... और वह है खुशी। किसी ने ठीक ही कहा है कि.... "रो-रो कर मत कर यहां दुख को और विराट,

  मुस्कान का मंत्र ही है, हर दुख की काट"


मुस्कान एक औषधि है


 मुस्कान एक औषधि की भांति हमारे जिंदगी में काम करती है, मुस्कान आते ही तनाव, चिंता छूमंतर हो जाती है। कहा भी गया है....मुस्कान हर दर्द की दवा है।


मुस्कान मित्रता की भाषा है


मुस्कुराहट द्वारा हम सबको मित्र बना सकते हैं। मुस्कान से दिल की दूरियां मिट जाती है। बिना कुछ कहे केवल मुस्कुराना ही आपकी पॉजिटिविटी को दूसरों  के दिल तक पहुंचा देता है।


मुस्कान संक्रामक है


जी हां! मुस्कान संक्रामक है ! यह एक दूसरे से बहुत तेजी से फैलती है ! आपको मुस्कुराते देखकर हमारे चेहरे पर स्वत: ही मुस्कान तैरने लगती है।


निष्कर्ष


तो अब ! यदि आपके जीवन में भी मुस्कुराहट कम है। परिस्थितियां आपको ज्यादा मुस्कुराने की इजाजत नहीं देती हैं.... तो भी मुस्कुराना और एक मसखरापन ओढ़ ले, धीरे-धीरे यह ओढ़ा हुआ व्यक्तित्व आपके स्वभाव का अंग बन जाएगा और परिस्थितियां आपके अनुकूल बन जाएंगी। 😊

  एक महत्वपूर्ण व्यक्ति होने के नाते हम हर समय, यहां तक कि बाथरूम में भी मुखौटा पहने रहते हैं, हमें लगता है कि हमें मुस्कुराना नहीं चाहिए! लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे, यही नहीं बहुत से लोग तो हमेशा तनावपूर्ण मुख मुद्रा बनाए रखते हैं। 😒 उनके चेहरों में खिंचाव को देख कर के ऐसा लगता है कि जैसे उन्होंने कोई कड़वी चीज मुंह में दबा रखी है ! क्या यह गलत नहीं है !

  पूरी दुनिया के हिसाब से मुस्कुराहट के बाजार में हम भारतीय बहुत कमजोर हैं। हम भारतीयों को चाहिए कि हम अपने गहन गंभीर मुख्य मुद्रा को उतार दें और मसखरापन ओढ़ ले।

  हमारा जीवन भी एक मुस्कुराहट भरा गीत होना चाहिए और यह तभी हो सकता है, जब हम अपनी निजता का नकाब और खुशी की खूबसूरती से जीवन जीने की कला सीख ले।

  तो फ्रेंड्स….. "मुस्कराहट से ही... हैं आप" यह लेख आपको कैसा लगा? अगर आपको अच्छा लगा तो इसे शेयर करें। परिचितों, परिजनों और मित्रों के बीच हंसी की फुलझड़ियां छोड़ते चलिए, तो घर और दफ्तर का तनाव कपूर की तरह उड़ जाएगा। धन्यवाद😊🙏✍️

बच्चों की निश्छल मुस्कान













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