"हर दिन मैं खुद को सौ बार याद दिलाता हूं कि मेरा अंदरूनी तथा बाहरी जीवन, दूसरे लोगों, जीवित भी और मृत भी के श्रम पर निर्भर है, और यह भी याद दिलाता हूं कि मुझे जितना मिला है.. और अब भी मिल रहा है... उसी अनुपात में देने के लिए मुझे मेहनत करनी चाहिए"
अल्बर्ट आइंस्टीन (नोबेल पुरस्कार विजेता)
ॐ शांति.. अल्बर्ट आइंस्टीन के इन शब्दों नें हमें उनकी सफलता का एक जादुई रहस्य समझाया है, यानी कि कृतज्ञता हर दिन.. यह हम सब के लिए उनके वैज्ञानिक आविष्कारों जितना ही बड़ा उपहार है.. जी हां जादुई कदम.. आज आइंस्टीन की ही तरह आप भी सौ बार धन्यवाद कहेंगे !! और आप 100 जादुई कदम उठा कर के ऐसा करने जा रहे हैं… हालांकि आपको यह अविश्वसनीय लग सकता है, कि कदम उठाने से आपके जीवन में फर्क पड़ेगा क्या???
"ईश्वर ने आपको आज 86,400 सेकंडो का उपहार दिया था, क्या आपने धन्यवाद कहने में 1 सेकंड का भी इस्तेमाल किया"??
विलियम ए वार्ड (लेखक)
कृतज्ञता के जादुई कदम क्या है?इसको जानने से पहले हम कृतज्ञता, आभार और धन्यवाद किसे कहते हैं यह समझेंगे।
कृतज्ञता और आभार के विस्तृत अर्थ को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं। और कृतज्ञता अभ्यास की 21 दिन श्रंखला के अनगिनत लाभ पाने के लिए
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स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।
इस लेख में.....
- कृतज्ञता के अभ्यास में जादुई कदम क्या है
- जादुई कदम द्वारा आपके एहसासों में परिवर्तन
- जादुई कदमों द्वारा कृतज्ञता का अभ्यास
- कृतज्ञता का अभ्यास, 21वां दिन, जादुई कदम, चार मुख्य बिंदु
- निष्कर्ष
कृतज्ञता के अभ्यास में जादुई कदम क्या है
कदम उठाने के लिए जब आप एक पैर उठाते हैं, और वह जमीन पर छूता है.. तो आपका मन धन्यवाद कहता है... और जब दूसरा पैर जमीन को छूता है... तो आप दोबारा धन्यवाद कहते हैं.. कृतज्ञता के इन कदमों के साथ सबसे अच्छी बात यह है कि आप कहीं भी और किसी भी समय कितने भी कदम उठा सकते हैं…..चाहे घर में हों, बाहर जा रहे हो, उसके लिए आपको विशेष समय निकालने की आवश्यकता नहीं है ! जैसे :--परीक्षा में, नौकरी का इंटरव्यू, ऑडिशन, किसी ग्राहक से मिलना, टीम का मैच देखने जाना, एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक जाना या पार्क में टहलना आदि।
जादुई कदम द्वारा आपके एहसासों में परिवर्तन
यदि आप निराशा के गर्त में है.. तो यह कदम आपको बेहतर महसूस कराएंगे !!
यदि आप इस वक्त बेहतरीन महसूस कर रहे हैं, तो यह कदम आपकी भावनाओं को और अधिक ऊंचे स्तर पर ले जाएंगे !!
जादुई कदमों द्वारा कृतज्ञता का अभ्यास
शुरुआत में यह अभ्यास आप 90 सेकंड तक करें, क्योंकि इतने समय में एक आम आदमी सौ कदम आराम से चल लेता है…. और अपने एहसास को बदलने के लिए इतने ही कदमों की जरूरत होती है... लेकिन अभ्यास करते समय कदम ना गिनें, क्योंकि ऐसे में आपका ध्यान हर कदम के साथ धन्यवाद कहने पर केंद्रित नहीं रह पाएगा और आप कदम गिनने में ही लगे रहेंगे।
जी हां !! आज आप यह अभ्यास पूरा कर लेंगे, तो आप इस जादुई शब्द 'धन्यवाद' को 100 बार कह चुके होंगे !! जीवन में कितने दिन आपने सौ बार धन्यवाद कहा है? और आइंस्टीन ने यह काम हर दिन किया था।
कृतज्ञता प्रयोग --21वां दिन-कृतज्ञता के कदम .. डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….
1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं, जिनके लिए आप कृतज्ञ है |यह लिखें कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ हैं |
2…दिन में किसी भी समय कृतज्ञता के 100 जादुई कदम, लगभग 90 सेकंड तक उठाएं, हर कदम के साथ धन्यवाद कहें,और कृतज्ञता महसूस करें |
3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें, जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उन नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस करें |
4….आज रात सोने जाने से पहले अपना जादुई पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई शब्द 'धन्यवाद' कहें |
निष्कर्ष
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