कृतज्ञता का अभ्यास -19वां दिन-जादू की धूल


       शांति.. हमारे प्राचीन आध्यात्मिक ग्रंथों में यह बताया गया है कि हम दिल से किसी व्यक्ति को जो देते हैं…. वह 100 गुना होकर हमारे पास लौटता है…. इसलिए किसी व्यक्ति से हमें जो मिलता है…. उसके लिए उसे धन्यवाद देना ना केवल आवश्यक है... बल्कि हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनिवार्य भी है।

कृतज्ञता और आभार के विस्तृत अर्थ को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं। कृतज्ञता अभ्यास की 21 दिन श्रंखला के अनगिनत लाभ पाने के लिए

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स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।

स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।


कृतज्ञता क्या है

कृतज्ञता प्रयोग के 21 दिन


इस लेख में.....

  1. कृतज्ञता एक शक्तिशाली ऊर्जा है,
  2. कृतज्ञता चमकती हुई जादुई धूल
  3. प्रतिदिन धन्यवाद (कृतज्ञता) की जादुई धूल का छिड़काव
  4. धन्यवाद को दिल की गहराई से महसूस करना
  5.  कृतज्ञता का अभ्यास, 19वां दिन,जादू की धूल,4 मुख्य बिंदु
  6. निष्कर्ष

कृतज्ञता एक शक्तिशाली ऊर्जा है,


हम कृतज्ञता की ऊर्जा को जिसकी ओर भी निर्देशित करते हैं अथार्त मोड़ते हैं… यह उसी ओर मुड़ जाती है… तो यहां पर हम कृतज्ञता की शक्तिशाली ऊर्जा को चमकती हुई जादुई धूल का नाम दे रहे हैं | 😊

    जब हम किसी से प्राप्त किसी चीज के बदले में कृतज्ञता व्यक्त करते हैं… तो कल्पना  करें कि हम सचमुच उस पर जादुई धूल का छिड़काव कर रहे हैं ! और इस जादुई धूल के शक्तिशाली और सकारात्मक ऊर्जा उस व्यक्ति की ओर पहुंचकर रही है और उस पर असर भी डाल रही है |


कृतज्ञता द्वारा सकारात्मकता से भरपूर

प्रतिदिन धन्यवाद (कृतज्ञता) की जादुई धूल का छिड़काव

हम में से अधिकतर लोग हर दिन, बहुत से लोगों के संपर्क में आते हैं,  चाहे वह फोन पर हो,  ईमेल द्वारा हो या ऑफिस,  स्टोर्स, रेस्तरां, लिफ्ट, बस या ट्रेन में आमने-सामने हो |जी हाँ….सेवा देने वाले लोगों के बारे में सोचें, जिनसे आप रोज मिलते हैं:- 

  •  वे लोग जो स्टोर्स और रेस्तरां में काम करते हैं, 
  •  बस या टैक्सी ड्राइवर है,  रखरखाव कर्मचारी है, 
  •  कस्टमर सर्विस के कर्मचारी हैं, ड्राई क्लीनर है, 
  •  वे सफाई कर्मी है, जो हमारी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों पर, ट्रेन, बस, हवाई जहाज, अस्पतालों, सुपर मार्केट और ऑफिस रूम की सफाई में दिन भर लगे रहते हैं…

जिनको हम व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद नहीं दे सकते, लेकिन जब हम उनके पास से गुजरे, तो उन्हें धन्यवाद देकर उन पर कृतज्ञता की जादुई धूल का छिड़काव कर सकते हैं !!

धन्यवाद के हकदार


       साथ ही अगली बार जब हम साफ डेस्क पर बैठें,  या साफ फुटपाथ पर चलें, या चमचमाते फर्श  पर चलें, तो हम कृतज्ञ हो सकते हैं….. वे सभी हमारी सेवा कर रहे हैं…. और बदले में हमारे सतत कृतज्ञता के हकदार भी हैं | इन लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत द्वारा लोगों की सेवा करने का कार्य चुना है,  और जनता की सेवा करने का अर्थ है, कि विभिन्न मनोदशा और स्वभाव वाले सभी प्रकार के लोगों की सेवा करना... जिनमें कृतज्ञ ना होने वाले लोग भी शामिल होते हैं…  तो इसलिए अगली बार जब भी कोई व्यक्ति आप की सेवा करें,  तो याद रखें कि सेवा करने वाला व्यक्ति अपने माता-पिता का प्यारा बेटा या बेटी है! अपने बच्चों का माता-पिता है! और वह हमारी दयालुता और धैर्य का हकदार है !!

धन्यवाद के हकदार

    कई बार ऐसा भी होता है कि हम सेवा करने वाले ऐसे व्यक्ति से टकराते हैं... जो हमारे साथ बदतमीजी से पेश आता है,  या फिर वह इस तरह काम नहीं करता,  जैसा हम चाहते हैं,  ऐसे में आपका उसके प्रति कृतज्ञ होना चुनौतीपूर्ण हो सकता है…. लेकिन एक बात समझ लें कि हमारी कृतज्ञता किसी दूसरे व्यक्ति के व्यवहार पर निर्भर नहीं हो सकती !! चाहे जो हो जाए,  कृतज्ञ होने का चुनाव करें,  क्योंकि हो सकता है... सामने वाला किसी समस्या में हो?  किसी मुश्किल दौर से गुजर रहा हो ? जिस कारण उसने हमारे साथ यह व्यवहार किया.. ऐसे में.. हमारी कृतज्ञता और दयालुता उसके लिए उस दिन होने वाली सबसे अच्छी चीज हो !!

    "दयालु बनें…  क्योंकि जिस भी व्यक्ति से आप मिलते हैं... वह हर व्यक्ति एक मुश्किल युद्ध लड़ रहा है|"


धन्यवाद को दिल की गहराई से महसूस करना


 जब हम किसी पर कृतज्ञता की धूल अथार्त ( धन्यवाद) कहते हैं….. तो हम धन्यवाद को हवा में ही उछाल देते हैं ! धन्यवाद कहते समय नीचे देखने लगते हैं ! सेल फोन पर बात करने लगते हैं! तो हम असल में ईमानदार नहीं होते | इसलिए जब आप किसी व्यक्ति को धन्यवाद कह रहे हैं... उस वक्त उसके चेहरे की ओर जरूर देखें,  जब तक आप नजरों से नजरें मिलाकर सीधे उसकी ओर नहीं देखेंगे,  तब तक वह आपकी कृतज्ञता को महसूस नहीं करेगा, और इस तरह आप उस व्यक्ति की मदद करने और अपने खुद के जीवन को बदलने का एक सुनहरा अवसर गंवा देते हैं !!

    'हर क्रिया की एक समान प्रतिक्रिया होती है'... जब आप पूरी इमानदारी से धन्यवाद कहते हैं,  तो सामने वाला इसे महसूस करता है... इससे ना केवल सामने वाला सचमुच अच्छा महसूस करेगा…. बल्कि आपके अंदर भी एक अवर्णनीय खुशी भर जाएगी !!

    हम केवल सेवा करने वाले लोगों के लिए ही नहीं बल्कि सभी तरह की स्थितियों में कृतज्ञता की धूल का इस्तेमाल कर सकते हैं…. घर से निकलने पर, वापस घर सुरक्षित पहुंचने पर, कोई नया कार्य शुरू करने पर, किसी जरूरी चीज को तलाश करने के लिए….. हाथ को लहरा करके कृतज्ञता की धूल का छिड़काव करें... किसी मुश्किल और कठिन परिस्थितियों में फंसे हुए व्यक्ति से बात करते हुए भी आप कृतज्ञता की धूल का छिड़काव कर सकते हैं…..ताकि वह बेहतर महसूस करे,और सुरक्षित रहे |

    आज उस अवसर की तलाश करें,  जहां आप धन्यवाद कहकर किसी व्यक्ति पर जादुई धूल का छिड़काव कर सकें ….. घटनाओं को याद करके लिखें…..जहां सेवा करने वाले लोगों ने आपके लिए अतिरिक्त प्रयास किया और आपको बेहतरीन सेवा दी…. उनमें से प्रत्येक को धन्यवाद कहकर उन पर जादुई धूल छिड़कें |

धन्यवाद 😊🙏✍️

कृतज्ञता प्रयोग --19वां दिन-जादुई धूल - डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….


1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं, जिनके लिए आप कृतज्ञ है |यह लिखें कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ हैं ।


2…आज कम से कम 10 लोगों को धन्यवाद दें, जो आज आपकी सेवा करते हैं…और जिन की सेवा से आपको लाभ होता है.. उन्हें आप मन ही मन धन्यवाद दे सकते है...उनकी दी हुई सेवा के लिए दिल से कृतज्ञता महसूस करें।


3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें,  जब आप अंत में पहुंचे, तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उस नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस करें |

4….आज रात  सोने जाने से पहले अपना जादुई  पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई  शब्द 'धन्यवाद'  कहें | 

कृतज्ञता की जादुई धूल

 निष्कर्ष 
 "कृतज्ञता की जादुई धूल"19वां दिन आपका कैसा बीता। आप स्वयं में परिवर्तन देख कर हैरान हो रहे होंगे। सच है कि आप भी इस ब्रह्मांड से जुड़ने लगे हैं। और स्व परिवर्तन की राह पर चल पड़े हैं।

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