कृतज्ञता का अभ्यास -18 वां दिन - संकेतों द्वारा कृतज्ञ भाव

    

यह साइन आपको सही होने का संकेत देता है
  ॐ शांति.. जीवन जादुई है…. जीवन हमारी भावनाओं पर प्रतिक्रिया करता है... जीवन हम से संवाद करता है... दुर्घटना या संयोग जैसी कोई चीज नहीं होती | हर चीज की एक फ्रीक्वेंसी होती है, और जब कोई चीज हमारे जीवन में आती है-- तो इसका मतलब है कि यह हमारी ही फ्रीक्वेंसी पर है।

कृतज्ञता और आभार के विस्तृत अर्थ को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं। कृतज्ञता अभ्यास की 21 दिन श्रंखला के अनगिनत लाभ पाने के लिए वेबसाइट 'हमारी उड़ान' से जुड़े क्योंकि.....

"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।

कृतज्ञता क्या है
कृतज्ञता प्रयोग के 21 दिन

In This Article...
  1. संकेत क्या हैं
  2. रोज की जिंदगी में घटने वाली घटनाएं
  3. यह है - जीवन में ब्रह्मांड के संकेत
  4. संकेत हमें कृतज्ञ भाव की याद दिलाते हैं
  5. अपनी किसी मनपसंद चीज़ को जादुई संकेत बनाएं
  6. कृतज्ञता प्रयोग,18वां दिन,संकेतों द्वारा कृतज्ञ भाव, चार मुख्य बिंदु
  7. निष्कर्ष

संकेत क्या हैं

संकेत यानि कि हम जो भी देखते हैं :--साइन बोर्ड, रंग, व्यक्ति, वस्तु, नंबर या फिर जो भी सुनते हैं:--कोई आवाज़ सायरन…आदि...वह सब के होने के पीछे कोई न कोई सन्देश होता है। हर परिस्थिति और घटना हमारी  फ्रीक्वेंसी पर है !! हमारा जीवन एक फिल्म के समान है :-जैसे कि जब हम फिल्म देखते हैं... तो फोन कॉल और झपकी आने की वजह से हमारा  ध्यान फिल्म से हट जाता है…..इसी तरह से हमारे दिन की स्क्रीन पर जीवन फिल्म के साथ यही होता है… यदि हम सजग नहीं रहते,  तो हम उन संदेशों और संकेतों को समझने से चूक जाते हैं..जो  लगातार आपको कुछ बता रहें हैं- जीवन में हमें एक दिशा और मार्गदर्शन भी दे रहे हैं।


रोज की जिंदगी में घटने वाली घटनाएं


एक और बात... संपूर्ण सृष्टि हमारे साथ दोस्ताना व्यवहार रखती है, हमारी परवाह करती है, और वह चाहती है, कि हम जीवन में जो कुछ भी चाहते हैं, वह सब हमें प्राप्त हो, क्योंकि सृष्टि यह सब खुद चलकर हमारे हाथों में नहीं दे सकती, जो हम चाहते हैं !! इसलिए वह आकर्षण के नियम का इस्तेमाल करती है, ताकि हमें हमारे सपनों के साकार होने के मामले में संकेत दे सके…..

यही हैं - जीवन में ब्रह्मांड के संकेत


ब्रह्मांड जानता है कि सपनों को साकार करने के लिए हमें कृतज्ञता महसूस करनी है….. इसलिए यह हमें कृतज्ञता की याद दिलाने के लिए व्यक्तिगत संकेत देता है…. और इसके लिए वह हमारे आसपास के लोगों, स्थितियों और घटनाओं का इस्तेमाल करता है, जैसे कि:-

  •  हम किसी एंबुलेंस का सायरन सुने तो सृष्टि यह संकेत दे रही है कि हम अपने आदर्श स्वास्थ्य के लिए कृतज्ञ हों!
  •  हम पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनते हैं…. तो यह सुरक्षा के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब हम अपना वजन कम करना चाहते हैं,और कम वजन वाले व्यक्ति को देखते हैं, तो यह आदर्श वजन के  लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  हम परिवार चाहते हैं, और हमें बच्चे नजर आए... तो बच्चों के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब हम बैंक के एटीएम के पास से गुजरते हैं, तो यह धन की प्रचुरता के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब हम घर लौटते हैं, तो यह घर के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब हम अपनी सूची की भौतिक इच्छाओं में से किसी एक को देखते हैं, तो अपनी इच्छा के लिए इसी समय कृतज्ञ होने का यह संकेत है !
  •  जब हम सुबह अपना नया दिन शुरू करते हैं, और कोई गुड मॉर्निंग करता है, तो हमें अच्छी सुबह के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब हम किसी खुश व्यक्ति को देखते हैं, तो उस खुशी के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब किसी मित्र या परिवार वाले का फोन आता है, तो यह उसके प्रति कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब कोई कहता है, कि कितना सुंदर दिन है…. तो उस सुंदर मौसम के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब कोई उपकरण खराब हो जाता है, तो यह मेरे उन सभी उपकरणों के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है, जो अच्छी तरह काम कर रहे हैं !
  •  जब मेरे बगीचे का कोई पौधा मुरझा रहा है,तो यह बाकी पौधों के स्वस्थ होने के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है ! 
  •  जब मेरा कोई परिचित बीमार हो जाता है, तो यह उसकी और मेरी सेहत के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब सुबह खिड़की के पर्दे खोलें, तो यह एक नए दिन के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !
  •  जब रात में खिड़की के पर्दे बंद करें, तो यह हमारे गुजरे हुए बेहतरीन दिन के लिए कृतज्ञ होने का संकेत है !

    


संकेत हमें कृतज्ञ भाव की याद दिलाते हैं


दिनभर हमारे आसपास की हर चीज हमसे कुछ कहती है, और हमें लगातार फीडबैक और संदेश देती है,  यहां तक कि.... चाहे पास खड़े दो अजनबियों की बातचीत हो... यदि वह सुनाई दे रही हो तो... क्योंकि हम भी उसी फ्रीक्वेंसी पर हैं... यदि नहीं होते... हमें वह सुनाई नहीं पड़ती और हमारी नजर भी नहीं जाती !!!

 यह तो हुए प्रकृति के द्वारा दिए गए संकेतों द्वारा संदेश...

प्रकृति द्वारा दी गई खुशी का संकेत

प्रकृति द्वारा दी गई खुशी का संकेत

अपनी किसी मनपसंद चीज़ को जादुई संकेत बनाएं


हम स्वयं भी अपनी किसी प्रिय चीज को जादुई संकेत की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं :---तारे, सोना- चांदी, किसी रंग, प्रिय जानवर, पक्षी, पेड़-पौधे या अपने कोई प्रिय फूल, इंद्रधनुष आदि को प्रतीक बना सकते हैं... शब्दों और आवाजों को भी अपना गोपनीय प्रतीक बना सकते हैं !! जैसे कि मैंने तेज चमकदार प्रकाश को अपना प्रतीक बनाया है.. कोई चमकदार चीज, सूरज और चन्द्रमा  का छनकर आता हुआ प्रकाश मुझ में खुशी और प्रेम भर देता है, और मैं उसी समय अपनी अन्य सभी चीजों के लिए कृतज्ञता को दिल से महसूस करने लगती हूं..😊

  यदि आप पिछले 16-17 दिनों से नियमित कृतज्ञता का अभ्यास कर रहे हैं… तो अब तक आप इतने चौकस हो चुके होंगे कि सृष्टि के द्वारा आप को दिए जाने वाले संकेतों पर गौर कर सकें... क्योंकि जितना यह शक्ति आपको अधिक जागरूक और चौकस बनाती है... उतने ही आप अधिक कृतज्ञ बनते हो... और अपने जीवन में मनचाही चीजों को आकर्षित करते हैं ...धन्यवाद 😊🙏✍️


कृतज्ञता प्रयोग --18वां दिन-संकेत .. डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….

1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं, जिनके लिए आप कृतज्ञ है |यह लिखें कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ हैं ।2आज अपने आसपास के वातावरण के प्रति चेतन रहें, और दिन में होने वाली घटनाओं से कृतज्ञता के कम से कम 7 संकेतों को ग्रहण करें।

3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें,  जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उस नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस  करें।

4….आज रात  सोने जाने से पहले अपना जादुई  पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में  हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई  शब्द 'धन्यवाद'  कहें।


निष्कर्ष


"संकेतों द्वारा कृतज्ञ भाव" यह हमारा 18 वें दिन का कृतज्ञता का अभ्यास है। आपको कैसा लगा? क्या आपकी जिंदगी में भी इस तरह की चीजें आती है ? क्या आपने उनके विषय में कभी गहराई से चिंतन किया है? यदि नहीं.....तो अब अवश्य करें !

मैं समय समय पर इनको करती रहती हूँ। भगामभाग जिंदगी में हम कुछ जरूरी चीजें भूल जाते हैं... समय समय पर करते रहने से यह हमारे जीवन का अंग बन जातीं हैं। इस तरह कृतज्ञता के अभ्यासों द्वारा मैं अपने को भरपूर करती हूँ ...मुझे अपने जीवन में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होती । इस मंच पर मैं आपसे अपने अनुभव शेयर करती हूँ कुछ चिंतन योग्य..ताकि आप भी उनका लाभ लें सकें।

आपके विचार, सुझाव और अनुभव सदैव आमंत्रित हैं। इसी विषय से संबंधित मेरी एक अन्य पोस्ट भी पढ़ें....


ब्रह्मांड के संकेतों को पहचाने




खुशनुमा जीवन का संकेत




 

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