ॐ शांति... बेहतरीन परिणाम...जी हां !! हम चाहे जो भी करें, अपने हर काम के लिए हम अच्छा परिणाम ही चाहते हैं…. 😊
हमारी जिंदगी में अक्सर ऐसे वक्त आते हैं…. जब हम यह सोचते हैं कि काश ! यह अच्छी तरह हो जाए, काश! इसका परिणाम बहुत अच्छा आए या मुझे किस्मत के सहारे की जरूरत है, आदि आदि।
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"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।
In This Article......
- बेहतरीन परिणाम आकर्षण के नियम के रूप में
- बेहतरीन परिणाम हमारी फ्रिक्वेँसीज़ के रूप में
- बेहतरीन परिणाम सकारात्मक और नकारात्मक विचारों के रूप में
- बेहतरीन परिणाम पाने के लिए क्या करें
- कृतज्ञता प्रयोग -17वां दिन-बेहतरीन परिणाम, चार मुख्य बिंदु
- निष्कर्ष
बेहतरीन परिणाम आकर्षण के नियम के रूप में
हमारे सभी विचार अच्छे परिणामों की आशा रखते हैं…. लेकिन जीवन संयोग या किस्मत से अच्छा नहीं होता….. सृष्टि के नियम हमेशा गणितीय रूप से कार्य करते हैं !! और यह एक ऐसी बात है, जिस पर हम सब भरोसा कर सकते हैं….. जैसे कि हम दिन भर यह आशा नहीं करते कि गुरुत्वाकर्षण का नियम हमें जमीन पर बनाए रखेगा, ताकि हम आकाश में ना तैरने लगे !! हम जानते हैं कि यहां संयोग नहीं है और गुरुत्वाकर्षण का नियम कभी असफल नहीं होगा!!
बेहतरीन परिणाम हमारी फ्रिक्वेँसीज़ के रूप में
यदि हम चाहते हैं, कि हमें हर काम में बेहतरीन परिणाम मिलें…. तो हमको उस नियम का इस्तेमाल करना होगा जो परिणामों को नियंत्रित करते हैं... यह नियम है - आकर्षण का नियम… इसका अर्थ है कि अपनी ओर बेहतरीन परिणामों को आकर्षित करने के लिए हमें अपने विचारों और भावनाओं का इस्तेमाल करना होगा और उनकी फ्रीक्वेंसी को समझना होगा !
जैसा कि Prem/ Attraction अपने पिछले लेख में हम यह समझ चुके हैं इस सृष्टि की हर चीज चुंबकीय है, और हर चीज की एक चुंबकीय फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) होती है…. हमारी हर भावना और विचार की भी एक चुंबकीय फ्रीक्वेंसी होती है….
बेहतरीन परिणाम सकारात्मक और नकारात्मक विचारों के रूप में
'अच्छी भावनाओं का मतलब यह है कि हम सकारात्मक फ्रीक्वेंसी पर हैं |
बुरी भावनाओं का मतलब यह है कि हम नकारात्मक फ्रीक्वेंसी पर हैं |'
हमारे विचार और हमारी भावनाएं चुंबक की तरह उसी फ्रीक्वेंसी पर मौजूद लोगों, घटनाओं और परिस्थितियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं जैसे कि :---
जब हम उत्साहित होते हैं :- तो हमारे उत्साह की फ्रीक्वेंसी उत्साही लोगों और घटनाओं को हमारी तरफ आकर्षित करती है !!
जब हम डर की फ्रीक्वेंसी पर होते हैं, तो डर से भरे हुए लोगों को, स्थितियों को और घटनाओं को आकर्षित करते हैं !!
हमारी फ्रीक्वेंसी हमेशा वही होती है….. जो हम महसूस कर रहे हैं… इस तरह से हम अपनी भावनाओं और एहसास को बदल कर के, किसी भी समय, अपनी फ्रीक्वेंसी को भी बदल सकते हैं !! कृतज्ञता के अभ्यास द्वारा हम एक नई फ्रीक्वेंसी पर पहुंच जाते हैं, जिससे हमारे चारों ओर की हर चीज बदल जाती है यानी कि हमारे हालातों को इन्हीं फ्रीक्वेंसी के हिसाब से बदलना ही पड़ता है !!
यदि आप 50% सकारात्मक विचार और भावनाएं देते हैं, तो इसका मतलब आप तराजू के संतुलन पर पहुंच गए हैं… यहां पर यदि जरा सा भी नकारात्मकता बढ़ी, तो तराजू का कांटा नकारात्मकता की तरफ झुक जाएगा |
दूसरी ओर यदि जरा सा भी सकारात्मकता बढी तो तराजू का कांटा सकारात्मकता की तरफ झुकेगा…. केवल एक परसेंट यानी कि 51% अच्छे विचार और भावनाएं देकर ही हम जीवन के तराजू का कांटा सकारात्मकता की तरफ झुका लेते हैं ! 😊
बेहतरीन परिणाम पाने के लिए हम क्या करें
चलिए देखते हैं, कि बेहतरीन परिणाम पाने के लिए हम क्या करें?? हम अपने जीवन में दिन में कई बार कई क्षेत्रों में अच्छे परिणामों की आशा करते हैं जैसे कि:--
ऑफिस की मीटिंग, इंटरव्यू, परीक्षा, मैच, फोन कॉल, अपने मित्र से मुलाकात, दिनचर्या, व्यायाम, अपने चिकित्सक से अपॉइंटमेंट, डेंटल चेकअप इत्यादि इन सब छोटी छोटी चीजों में बेहतरीन परिणाम पाने के लिए हम पहले से ही सकारात्मक विचार रख कर के इनके प्रति कृतज्ञ हो सकते हैं.. और शानदार परिणाम पा सकते हैं !!
कई बार कार्य करने से पहले ही हम नकारात्मक विचारों का हाथ पकड़कर निष्कर्ष पर कूद पड़ते हैं... और तुरंत सोचने लगते हैं कि कहीं कुछ गलत है.. निष्कर्षों पर कूदना और यह सोचना कि कुछ गड़बड़ ही है, यह एक बहुत बड़ी समस्या है... क्योंकि आकर्षण का नियम कहता है... आप जो सोचते हो, और महसूस करते हो, उसे ही अपनी ओर आकर्षित करेंगे |
यदि आप अभिभावक हैं... बच्चे के संबंध में आपको अप्रत्याशित मीटिंग के लिए बुलाया जाता है... तो यह सोचने के बजाय कि कोई समस्या है? आप सकारात्मक सोचते हुए जाएँ और बेहतरीन परिणाम के लिए कृतज्ञ हों |
यदि आपको कोई अप्रत्याशित फोन कॉल मिलता है, या पत्र मिलता है, तो दिमाग में एक नकारात्मक विचार आता है:- क्या पता क्या गलत हो गया? तो फौरन ही बेहतरीन परिणाम के लिए कृतज्ञ बने.. सकारात्मक विचार के साथ..... और उसके बाद ही फोन रिसीवर उठाएं, पत्र या ईमेल खोलें |
कृतज्ञता आपको उन सारी चीजों.. बुरे परिणामों को आकर्षित करने से रोकती है... और यह निश्चित करती है कि आपको मनचाही चीज मिल जाए...यानि कि.... 'बेहतरीन परिणाम'
जब आप बेहतरीन परिणाम के लिए कृतज्ञ होते हैं... तो आप सृष्टि के नियम का पालन कर रहे होते हैं….. आशाओं और सहयोग को आस्था और निश्चिंता में बदल रहे होते हैं….. और कृतज्ञता आपकी जीवनशैली बन जाती है… धन्यवाद😊🙏✍️
कृतज्ञता प्रयोग --17वां दिन-बेहतरीन परिणाम.. डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….
1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं, जिनके लिए आप कृतज्ञ है |यह लिखें कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ हैं |
2… दिन की शुरुआत में अपनी तीन अप्रत्याशित घटनाओं और परिस्थितियों को लें, जिनमें आप बेहतरीन परिणाम चाहते हैं, उनको इस तरह लिखें…. मानों वह पहले ही हो चुकी हों ------------ के बेहतरीन परिणाम के लिए धन्यवाद….करें
3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें, जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उस नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस करें |
4….आज रात सोने जाने से पहले अपना जादुई पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई शब्द 'धन्यवाद' कहें |
निष्कर्ष
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