- सकारात्मक और नकारात्मक विचार
- अज्ञानतावश रोज कहे जाने वाले कुछ नकारात्मक वाक्य
- नकारात्मक वाक्यों के विरोध में कुछ शक्तिशाली सकारात्मक विचार
- गौतम बुध की प्रेरणा
- नकारात्मक परिस्थिति में क्या सोचे...
- कृतज्ञता अभ्यास,11वां दिन, नकारात्मकता से बाहर निकलना,चार मुख्य बिंदु
- निष्कर्ष
सकारात्मक और नकारात्मक विचार
जो लोग सफल होते हैं, वें विचारों के गुलाम नहीं होते बल्कि विचार उनके गुलाम होते हैं |एक रिसर्च ये बताती है कि इंसान के मस्तिष्क में एक दिन में पंद्रह से बीस हज़ार विचार रोज़ चलते हैं .. नकारात्मक विचार क्या है???? मनुष्य के मन में अत्यधिक विचार चलने के कारण उसके मन में सदैव अपने वर्तमान और भविष्य के लिए चिंता लगी रहती है... जैसे कल क्या होगा?? नौकरी से निकाल दिया गया तो क्या होगा?? बुढ़ापा आयेगा? रोग आएगा?? तो क्या होने वाला है?? इस तरह के विचारों से एक विचार खत्म, कोई दूसरा विचार शुरू हो जाता है, एक दुख खत्म होता है.. तो वापस दूसरे दुख का विचार आना शुरू हो जाता है.. इससे दुख और तनाव का एक दुष्चक्र तैयार होता है !!!
यदि आप नकारात्मक विचारों को बेझिझक अपने मन में आने देते हैं, तो जो बुरी चीजें या घटनाएं आपके जीवन में आती हैं.. उसी नकारात्मक विचारों का परिणाम होती हैं.. अपने जीवन में सबसे पहले सकारात्मक दृष्टिकोण रखें कि आप ईश्वर की संतान हैं.. इसलिए आपकी सफलता निश्चित है... इस समझ पर यकीन रखें…. मैं इसी जीवन में अवश्य सफल बनूंगा... आप इस तरह के सकारात्मक वाक्य कहते हैं :--तो एक तरंगें पैदा होती हैं.. यह सकारात्मक तरंगे सब तरफ फैल कर वापस हमारे पास ही आती हैं !!
नकारात्मक वाक्यों का चयन सोच समझ कर करें… कृतज्ञ और आनंदित व्यक्ति किसी को दुखी नहीं कर सकता….जिसका ध्यान 'क्या खोया' की तरफ होता है, वह इंसान दुखी ही रहता है !! और जिसका ध्यान 'क्या पाया' की तरफ होता है, वह सदा आनंदित रहता है….. यदि आपने कोई वस्तु खरीदी, तो आप इस वाक्य का प्रयोग करते हैं कि 'मेरे हजारों रुपए खर्च हो गए', यह वाक्य कहने के बजाय कहें.. एक नायाब और सुविधा प्रदान करने वाली वस्तु आज मुझे मिली है, जो मेरा श्रम और समय बचाएगी या फिर कहें.. मुझे सेहत पाने की तकनीक और मशीन मिली है... इस तरह हर खरीदारी और घटना में सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करें |😊
अज्ञानतावश रोज कहे जाने वाले कुछ नकारात्मक वाक्य इंसान सदैव दोहराता रहता है, जैसे….
- मेरे लिए सफल होना कठिन है क्योंकि मेरे अंदर जीतने की जिद नहीं है|
- पैसा मेरे पास जल्दी नहीं आता, नहीं टिकता |
- मैं किसी को पैसा या मदद दूंगा, तो मेरे पास वह कम हो जाएगा |
- अच्छे दिन और हालात हमेशा नहीं रह सकते |
- बुरे वक्त के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए |
- मुझे कोई प्यार नहीं करता |
- मेरे साथ वही होगा, जो मेरे रिश्तेदारों के साथ हुआ है|
- सीखना मुश्किल है, मुझे सीखने में ज्यादा समय लगता है |
- मेरा जीवन दूसरों के अत्याचार सहने के लिए हुआ है, मैं निराश हूं परेशान हूं |
नकारात्मक वाक्यों के विरोध में कुछ शक्तिशाली सकारात्मक विचार जैसे;-
- ईश्वर ने हर चीज भरपूर बनाई है|
- मेरे पास पैसा, प्रेम, समय, खुशी, सेहत, संतुष्टि भरपूर है |
- जीवन को मुझसे प्यार है,इसलिए जीवन मुझे संपूर्ण सफल देखना चाहता है |
- मैं ईश्वर की संतान हूं इसलिए मेरी सफलता आसान है |मैं स्वपरिवर्तन के लिए तैयार हूं|
- डर और असुरक्षा की भावना बादलों के समान है, इन बादलों के पीछे मुझे अपना लक्ष्य दिखाई देता है |
- शब्द कभी भी मेरी हानि नहीं कर सकते|
- लोगों के द्वारा अपनी निंदा सुन कर मैं अपने आप को दुखी नहीं होने दे सकता
- मेरे जीवन में हर काम सही वक्त पर और सही तरीके से होते हैं |
- मैं भूत और भविष्य के विचारों से मुक्त होकर वर्तमान में जीता हूं |
- मुझे परमात्मा का मार्गदर्शन प्राप्त है |
- ईश्वर जो करता है,वहअच्छा ही करता है|
नकारात्मक विचार सोचना, नकारात्मक शब्द बोलना, चीजों को नजरअंदाज करना, शिकायत करना... आलोचना करना….. इन सब चीजों से आपके जीवन में अच्छी चीजों का प्रवाह रुक जाता है !!
गौतम बुद्ध की प्रेरणा
जब आप कृतज्ञ होते हो, तो नकारात्मक होना असंभव होता है….आलोचना करना, दोष मढ़ना, असंभव होता है, दुखी होना या दुखी महसूस कराना भी असंभव होता है | हजारों साल पहले गौतम बुद्ध ने भी इसी जादुई शक्ति का इस्तेमाल का तरीका बताया था... उनके शब्दों में;--
"आइए उठे और कृतज्ञ हों क्योंकि आज यदि हमने बहुत कुछ नहीं सीखा, तो भी कम से कम कुछ तो सीखा और यदि हमने कुछ नहीं सीखा, तो भी कम से कम बीमार तो नहीं पड़े, और अगर हम बीमार भी पड़ गए, तो भी कम से कम हम मरे तो नहीं, इसलिए आइए, हम सब कृतज्ञ हों " गौतम बुद्ध
बुद्ध के इन शब्दों को अपनी प्रेरणा बना ले, अपने जीवन की किसी ऐसी समस्या या नकारात्मक परिस्थिति को देखें, कृतज्ञ होने के लिए 10 चीजों की तलाश करें…. यह अभ्यास आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है !! उदाहरण के तौर पर आपकी समस्या यह हो सकती है कि आप बेरोजगार हो !! और अपनी बहुत कोशिशों के बाद भी आपको नौकरी नहीं मिल पाई हो.. तो ऐसी...
नकारात्मक स्थिति में आप क्या सोचे….
इस बेरोजगारी के समय में मैंने अपने परिवार को अधिक समय दिया ! या
फिर खाली समय में मैंने अपने जीवन को व्यवस्थित किया ! या
अब मेरे सामने नए विकल्प उत्पन्न हो रहे हैं ! या
मैंने नौकरियों के लिए साक्षात्कार देते समय बहुत कुछ सीखा ! या
मैंने इस समय में अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दिया ! या
मुझे जो आराम मिला उसकी जरूरत थी।
और इस तरह से इन सब चीजों के लिए कृतज्ञता को महसूस करें, धन्यवाद 😊🙏✍️
कृतज्ञता प्रयोग --ग्यारहवाँ दिन - नकारात्मक विचारों से बाहर निकलना .. डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….
1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं, जिनके लिए आप कृतज्ञ है |यह लिखे कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ है |
2… अपने जीवन की किसी ऐसी समस्या या नकारात्मक स्थिति को चुन ले जिसे सुलझाना चाहते हैं... इस मुश्किल परिस्थिति में भी उन चीजों को देखने की कोशिश करें.. जिन्होंने आपको सुख और खुशी के पल महसूस कराये.. जिनके लिए आप कृतज्ञ हैं |
3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें, जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उस नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस करें |
4….आज रात सोने जाने से पहले अपना जादुई पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई शब्द 'धन्यवाद' कहें |
निष्कर्ष
मैं समय समय पर इनको करती रहती हूँ। भगामभाग जिंदगी में हम कुछ जरूरी चीजें भूल जाते हैं... समय समय पर करते रहने से यह हमारे जीवन का अंग बन जातीं हैं। इस तरह कृतज्ञता के अभ्यासों द्वारा मैं अपने को भरपूर करती हूँ ...मुझे अपने जीवन में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होती । इस मंच पर मैं आपसे अपने अनुभव शेयर करती हूँ कुछ चिंतन योग्य..ताकि आप भी उनका लाभ लें सकें।
क्या आपके अंदर भी नकारात्मक विचारों का बवंडर चलता है? क्या आप अपने इन नकारात्मक विचारों को सकारात्मक नहीं बनाना चाहते? यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो और विचारणीय हो,तो कमेंट बॉक्स में अवश्य शेयर करें।
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