कृतज्ञता का अभ्यास -चौथा दिन-संबंधों के प्रति आभार

पारिवारिक संबंधों में मधुरता
ॐ शांति- ''कोरोनावायरस के इस समय में सबसे महत्वपूर्ण हमारी सेहत है, क्योंकि जान है, तभी जहान है। दूसरे नंबर पर...मधुर सम्बन्ध। हमने इस मुश्किल समय में, घर पर समय बिता करके अपने संबंध और रिश्तो की महत्ता को समझा।      
कृतज्ञता के अभ्यास के 21 दिन में हम यह समझ रहे हैं कि जीवन के हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, ताकि छोटी से छोटी इच्छा और बड़े से बड़े सपने साकार हो जाएं। हमें अपने जीवन में जो कुछ मिला है उसके लिए ब्रह्मांड से, प्रकृति से, संसार की सर्वोच्च सत्ता से, देवी देवता से सदैव आभार और शुकराना करना है, जिसे हम कृतज्ञता कहते हैं। "कृतज्ञता का अभ्यास" एक सीरीज, कड़ी या श्रंखला है जो 21 दिन का प्रयोग है,ताकि हमारे अवचेतन मन में कृतज्ञता की भावना गहरे तक बैठ जाए | कृतज्ञता का अभ्यास और प्रयोग हमारी जिंदगी को खुशनुमा और शानदार बनाता है।
इस लेख में....
In This Article.....
  1. कृतज्ञता के अभ्यास द्वारा हम अपने रिश्तो को कैसे मधुर और मजबूत बना सकते हैं
  2. रिश्तो में मधुरता का गायब हो जाना... कारण
  3. रिश्तो में शब्दों का महत्व
  4. रिश्तो में शिकायतें और आलोचनायें... घातक परिणाम
  5. कृतज्ञता का प्रयोग रिश्तो में कैसे करें
  6. मधुर रिश्ते, चौथा दिन, चार मुख्य बिंदु
  7. निष्कर्ष
"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।

कृतज्ञता के अभ्यास द्वारा हम अपने रिश्तो को कैसे मधुर और मजबूत बना सकते हैं

 मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, दूसरे लोगों के साथ संपर्क और अनुभवों से हमें अपने जीवन में खुशी, अर्थ, और उद्देश्य मिलता है, इसी वजह से हमारे संबंध हमारे जीवन पर किसी भी अन्य चीज से ज्यादा असर डालते हैं,  कैसे?  आइए देखते हैं:--

 

    रिसर्च द्वारा देखा गया है कि जो लोग कृतज्ञता का अभ्यास करते हैं,  वे दूसरों के अधिक निकट होते हैं,  परिवार और मित्रों से जुड़े रहते हैं,  दूसरे लोगों के मन में उनकी बेहतर छवि होती है,  लेकिन…. कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है, कि किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में शिकायत (वैचारिक या शाब्दिक) हो तो उसके बारे में 10 नियामतें और  गुण भी महसूस होने चाहिए,  तभी संबंध समृद्ध हो सकता है| हर शिकायत के बदले अगर नियामतों और गुणों की संख्या कम है…  तो संबंध कमजोर होने लगेंगे |

असफल रिश्ते,व्यथित तन मन

रिश्तो में मधुरता का अभाव

कृतज्ञता से संबंध समृद्ध होते हैं.. संबंधों के प्रति कृतज्ञता, केवल आपके संबंधों को ही नहीं बदलती है, आपको भी बदल देती है, आपका स्वभाव इस समय जैसा भी हो, कृतज्ञता आपको धैर्य, समझ, करुणा और दयालुता प्रदान करेगी… छोटी-छोटी बातों पर जो चिड़चिड़ाहट आपने कभी महसूस की थी, वह गायब हो जाएगी, संबंधों को लेकर के आपके मन में जो शिकायतें थी, वह गायब हो जाएंगी ।ऐसा इसलिए होगा….

        क्योँकि जब आप किसी दूसरे व्यक्ति के लिए सचमुच कृतज्ञ होते हैं, तो आपके मन में उसकी किसी चीज में बदलाव करने की इच्छा नहीं होती, आप उसकी आलोचना नहीं करेंगे,  उसके बारे में शिकायत नहीं करेंगे, उसे दोष नहीं देंगे,  क्योंकि आप तो उसके अच्छे गुणों के बारे में  कृतज्ञता महसूस करने में व्यस्त होंगे, आप उन चीजों को देख ही नहीं पाएंगे, जिनके बारे में आप अक्सर शिकायत किया करते थे|


रिश्तो में शब्दों का महत्व
 

    शब्द बहुत शक्तिशाली होते हैं,  इसलिए जब भी आप किसी व्यक्ति के बारे में शिकायत करते हैं, आप दरअसल अपने ही जीवन को नुकसान पहुंचा रहे होते हैं,  आकर्षण के नियम के अनुसार,  आप किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में जो भी सोचते या कहते हैं, तो उसे अपने स्वयं के जीवन में ले आते हैं| यही कारण है कि संसार के महानतम लोगों और शिक्षकों ने हमें कृतज्ञ होने की सलाह दी है,  वे जानते थे कि आप को अधिकतम तभी मिल सकता है,  जबआप दूसरों के लिए उतने ही कृतज्ञ हो,  जितने कि वे स्वयं है...कल्पना कीजिए यदि आपका हर करीबी व्यक्ति आपसे कहे, 'मैं आपसे प्रेम करता हूं... आप के वर्तमान स्वरूप से.. जैसे भी आप हैं उससे"  आप कैसा महसूस करेंगे??? 

    


     फिलहाल भले ही आप के सभी संबंध अच्छे हो !!लेकिन इस अभ्यास के बाद वह कहीं अधिक मधुर हो जाएंगे | जब आप कृतज्ञ होने के लिए हर व्यक्ति में अच्छी चीजें खोजते हैं, तब आपके संबंध अधिक मजबूत, अधिक संतुष्टिदायक, अधिक समृद्ध हो जाते हैं, जितना आपने पहले सोचा ना था।


कृतज्ञता का प्रयोग रिश्तो में कैसे करें

 

       कृतज्ञ होने के लिए आप अपने तीन, सबसे करीबी संबंधों को चुने, यह संबंध कोई भी हो सकते हैं, पति, बेटा, पिता, पत्नी, कारोबारी साझेदार, बहन आदि| आप अपने सबसे अच्छे मित्र, दादी, चाचा को चुन सकते हैं, जिन्हें आप महत्वपूर्ण मानते हैं| कोई भी तीन संबंध चुनने के बाद आप सुकून से बैठकर इन चीजों के बारे में सोचें…. जिनके लिए आप उस व्यक्ति के प्रति सबसे अधिक कृतज्ञ हैं…. उनके सर्वश्रेष्ठ गुण कौन से है? आप उनके धैर्य, विवेक, काबिलियत, शक्ति, बुद्धिमानी, हंसी या दयालु ह्रदय के लिए कृतज्ञ हो सकते हैं….. वह समय याद कर सकते हैं जब उस व्यक्ति ने आप का साथ दिया, आपकी परवाह की, और आप को सहारा दिया,  इस तरह से कुछ देर के लिए सोचे.. धन्यवाद---------- उनका नाम------------- लिखें- क्योंकि---------------| उनकी किस चीज के लिए कृतज्ञ हैं लिखें… आप उनकी तस्वीर भी अपने पास रख कर यह अभ्यास बोलकर कर सकते हैं... इसका इस्तेमाल एक ही संबंध पर जितनी बार चाहे कर सकते हैं।


मधुर रिश्ते, चौथा दिन, चार मुख्य बिंदु


कृतज्ञता प्रयोग --चौथा दिन (मधुर सम्बन्ध) डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….


1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं जिनके लिए आप कृतज्ञ है |यह लिखे कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ है |


2....अपने तीन सबसे करीबी संबंधों को चुने, उनकी पांच बातें या ज्यादा, लिखें जिनके लिए आप उस व्यक्ति के प्रति सबसे अधिक कृतज्ञ हैं |


3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें,  जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द न्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उस नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस  करें |


4….आज रात  सोने जाने से पहले अपना जादुई  पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में  हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई  शब्द 'धन्यवाद'  कहें |


आप अपने संबंधों में अच्छी चीजों के लिए जितने अधिक कृतज्ञ होंगे, आपके जीवन का हर संबंध उतनी ही चमत्कारिक और तीव्र गति से बदल जाएगा।

मैं समय समय पर इनको करती रहती हूँ। इस तरह कृतज्ञता के अभ्यासों द्वारा मैं अपने को भरपूर करती हूँ ...मुझे अपने जीवन में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होती । इस मंच पर मैं आपसे अपने अनुभव शेयर करती हूँ...कुछ चिंतन योग्य...ताकि आप भी उनका लाभ लें सकें ।


"कृतज्ञता का अभ्यास, चौथा दिन, संबंध" यह लेख आपको कैसा लगा। कमेंट बॉक्स में अपने अनुभव शेयर करें। धन्यवाद 😊🙏✍️



मधुर संबंध जीवन की मुख्य आवश्यकता


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