ॐ शांति.. ''कृतज्ञता के अभ्यास के 21 दिन में हम यह समझ रहे हैं कि जीवन के हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, ताकि छोटी से छोटी इच्छा और बड़े से बड़े सपने साकार हो जाएं। हमें अपने जीवन में जो कुछ मिला है उसके लिए ब्रह्मांड से, प्रकृति से, संसार की सर्वोच्च सत्ता से, देवी देवता से सदैव आभार और शुकराना करना है, जिसे हम कृतज्ञता कहते हैं। "कृतज्ञता का अभ्यास" एक सीरीज, कड़ी या श्रंखला है जो 21 दिन का प्रयोग है,ताकि हमारे अवचेतन मन में कृतज्ञता की भावना गहरे तक बैठ जाए | कृतज्ञता का अभ्यास और प्रयोग हमारी जिंदगी को खुशनुमा और शानदार बनाता है।
इस लेख में...
- कृतज्ञता का अभ्यास, सीरीज़ के तीसरे दिन..हम अपने स्वास्थ्य के प्रति कृतज्ञ होंगे।
- अच्छा स्वास्थ्य क्या है
- हमारे संकल्प हमारे स्वास्थ्य का निर्माण करते हैं
- प्रेम और कृतज्ञता द्वारा अच्छा स्वास्थ्य कैसे पाया जा सकता है
- क्या भोजन और पानी कृतज्ञता के भावों को अपने अंदर सोखता है
- कृतज्ञता अभ्यास के लिए डायरी पेन लेकर बैठे...
- कृतज्ञता अभ्यास के चार मुख्य बिंदु
- निष्कर्ष
स्वास्थ्य जीवन की सबसे कीमती वस्तु है.. लेकिन यह भी सच है कि हम अपने स्वास्थ्य को जितना नजरअंदाज करते हैं उतना किसी दूसरी चीज को नहीं करते। एक कहावत है, जो अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेता है, वह अमीर है, हालांकि उसको खुद यह बात पता नहीं होती। आज के इस कोरोनावायरस के समय में तो सबको समझ आ गई है कि सेहत सबसे ऊपर है, वरना इस बदले हुए दौर में व्यक्ति केवल धन कमाने के पीछे दौड़ रहा था... तो कोरोना काल ने सब का जीवन बदल दिया।
स्वस्थ होने का क्या मतलब है ? बीमार ना होना, ठीक-ठाक महसूस करना या औसत महसूस करना.... जी नहीं !!! स्वस्थ होने का मतलब उससे कहीं ज्यादा है!
छोटे बच्चों को गौर से देखने पर आप यह जान जाएंगे कि सचमुच स्वस्थ होने का क्या मतलब है.. बच्चे हर दिन असीमित ऊर्जा से भरे रहते हैं... वे खुश होते हैं.. रात में गहरी और शांत नींद लेते हैं...हर दिन जोशीले और रोमांचित महसूस करते हैं
कभी आप भी ऐसा ही महसूस करते थे, जब आप बच्चे थे।बड़े होने पर भी आपको ऐसा ही महसूस करना चाहिए क्योंकि आप जो चाहते हो, वह हर चीज आपकी है, और उसमें असीम स्वास्थ्य भी है!
हम जिस भी तरह के संकल्प और विचार मन में लेते हैं वे हमारी धारणा और सत्य बन जाते हैं.. आज के समय में सेहत से जुड़ी अच्छी भावनाओं के बजाय डर की भावनाएं अधिक है, इन सब से तनाव उत्पन्न होता है, और तनाव मन और शरीर के लिए कितना घातक है.. ये सभी जानते हैं
हमारे शरीर में लगभग 100 ट्रिलियन कोशिकाएं हैं, जो लगातार काम करती रहती है, यह कोशिकाएं हमारे अधीन हैं हमारे विचारों, भावनाओं और मान्यताओं द्वारा उन्हें लगातार आदेश और निर्देश मिलते रहते हैं...
जब हम यह सोचते हैं या कहते हैं कि 'मैं लंबी यात्रा करती हूं तो मुझे थकान हो जाती है,' तो हमारी कोशिकाएं 'थकान' को आदेश मान लेती हैं, और उसी के अनुरूप कार्य करने लगती हैं.. थकान उत्पन्न कर देती है |अगर आपके मन में डर है... 'यह बीमारी मुझे हो सकती है' तो कोशिकाएं उस बीमारी के लक्षण उत्पन्न करने में व्यस्त हो जाती हैं |
हमारे शरीर में 70% पानी है, और हमारा मस्तिष्क 80% पानी से बना है|
हमारे विशेषज्ञों द्वारा यह निष्कर्ष निकाला गया है कि जब पानी पर प्रेम और कृतज्ञता के सकारात्मक शब्द और भावनाओं का आरोपण किया जाता है, तो न केवल पानी की ऊर्जा बढ़ती है, बल्कि उसकी संरचना भी बदल जाती है, पानी सुव्यवस्थित हो जाता है... तो आप कल्पना कर सकते हैं कि इसमें दोबारा पूरी तरह स्वस्थ करने की कितनी शक्ति होती है|जब हमारा मन प्रेम और कृतज्ञता से भरा होता है तो ये शरीर की 100 ट्रिलियन कोशिकाओं के पानी पर असर डालता है, इससे हमारी कोशिकाओं को स्वास्थ्य की पूरी शक्ति मिल जाती है| इसलिए हर दिन अच्छे स्वास्थ्य के लिए धन्यवाद दें, क्योंकि यह जीवन का उपहार है|शरीर की नापसंद चीजों को नजरअंदाज करें, और मनपसंद चीजों के लिए दिल से धन्यवाद करें|
आप ऐसे लोगों को भी जानते होंगे जिन्होंने एक स्वस्थ जीवन शैली का विकल्प चुना, इसके बावजूद अपनी सेहत गवां दी|
कारण याद रखें…. "जिस के भी पास कृतज्ञता (स्वास्थ्य के लिए) है उसको अधिक दिया जाएगा और वह समृद्ध होगा |जिसके पास कृतज्ञता (स्वास्थ्य के लिए) नहीं है उस के पास जो है, वह सब भी उस से ले लिया जाएगा|"
इस तरह कृतज्ञता दे कर के आप अपने वर्तमान स्वास्थ्य को कायम रखते हैं और उसके प्रवाह को बढ़ाते भी हैं | दर्द, निशान, तिल, दाग धब्बे, ओझल होने लगते हैं, आप अपनी उर्जा, स्फूर्ति और खुशी को बढ़ते हुए देखते हैं|
अगर आप इतना अच्छा महसूस करना चाहते हैं, जितना बचपन में करते थे... तो अपनी कोशिकाओं को ऐसे आदेश दें.... कमाल का महसूस कर रही हूं या रहा हूं मुझ में उर्जा है.... आंखों की रोशनी आदर्श है..... अपनी मनचाही चीज खा सकता हूं मैं अपने वजन को कंट्रोल में रख सकता हूं.... रात को बच्चों तरह गहरी नींद सोता हूं|
अपने शरीर के सभी अंगों के महत्व और उपयोगिता के विषय में विचार करें... आप किसी खास अंग के प्रति कृतज्ञता महसूस करना चाहते हैं... इस बारे में सोचें आप क्यों कृतज्ञ हैं ? तो आपको गहरी कृतज्ञता महसूस करने में मदद मिलेगी..जैसे . पैरों का इस्तेमाल.. संतुलन बनाना, चलना, दौड़ना, नाचना, सीढ़ियां चढ़ना, आदि... तो पैरों के लिए धन्यवाद कहें और सचमुच दिल से महसूस करें.. आप अपनी इंद्रियों के लिए धन्यवाद करें --दृष्टि, स्वाद, सुगंध, स्पर्श.. कंप्यूटर समान मस्तिष्क तथा सुंदर मन के लिए धन्यवाद करें… अपनी खरबों कोशिकाओं के लिए धन्यवाद करें जो 24 घंटे इस शरीर में हर चीज की निरंतर सफाई और नवीनीकरण में लगी रहती हैं .. अपने हृदय का धन्यवाद करें जो आपके शरीर के प्रत्येक तंत्र में जीवन को प्रवाहित करता रहता है.. कहें.. मेरे मजबूत और स्वस्थ हृदय के लिए धन्यवाद|
कृतज्ञता प्रयोग -- तीसरा दिन (स्वास्थ्य व शरीर) डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….
1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं जिनके लिए आप कृतज्ञ है |यह लिखे कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ है |
2....इन दस नियामतों की सूची में चाहे तो 10 या कुछ कम अपने स्वास्थ्य
के लिए लिखें और दिल से कृतज्ञता को महसूस करें |
3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें, जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उन नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस करें |
4….आज रात सोने जाने से पहले अपना जादुई पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई शब्द 'धन्यवाद' कहें |
निष्कर्ष
कृतज्ञता के इन प्रयोगों के द्वारा स्वास्थ्य बेहतर होने लगता है, जीवन में उत्साह और ऊर्जा की वृद्धि भी होने लगती है जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है.. लेकिन दूसरे पक्ष में हम चिकित्सीय सलाह और पारंपरिक दवाओं को नकार नहीं सकते।
हां ...उपचार के साथ हम कृतज्ञता के प्रयोग द्वारा अद्भुत और चमत्कारिक लाभ पा सकते हैं। "कृतज्ञता का अभ्यास - तीसरा दिन-स्वास्थ्य एवं शरीर" लेख आपको कैसा लगा। कृतज्ञता के बाकी दिनों के प्रयोग को समझने के लिए कृपया हमारे साथ जुड़े रहे। आपके अनुभव का हमें इंतजार रहेगा।धन्यवाद 😊🙏✍️
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