कृतज्ञता का अभ्यास- दूसरा दिन- जादुई पत्थर

कृतज्ञता अभ्यास अच्छी चीजों के लिए ब्रह्मांड को लिखकर धन्यवाद दें
  ॐ शांति ''कृतज्ञता के अभ्यास के 21 दिन में हम यह समझ रहे हैं कि जीवन के हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, ताकि छोटी से छोटी इच्छा और बड़े से बड़े सपने साकार हो जाएं। हमें अपने जीवन में जो कुछ मिला है उसके लिए ब्रह्मांड से, प्रकृति से, संसार की सर्वोच्च सत्ता से, देवी देवता से सदैव आभार और शुकराना करना है, जिसे हम कृतज्ञता कहते हैं। "कृतज्ञता का अभ्यास" एक सीरीज, कड़ी या श्रंखला है जो 21 दिन की है, कृतज्ञता का अभ्यास और प्रयोग हमारी जिंदगी को खुशनुमा और शानदार बनाता है।

     कृतज्ञता का अभ्यास- पहला दिन-नियामतें  गिनें इस पोस्ट में हम यह सीख़ रहे कि रोज सुबह हमें अभ्यास करना है, जिसमें हमें अपने जीवन की उपलब्धियों को 10 पॉइंट में लिखना है, और पूरे दिल से कृतज्ञता या आभार व्यक्त करना है , यह प्रयोग हमें 21 दिन तक लगातार करना है, ताकि हमारे अवचेतन मन में कृतज्ञता की भावना गहरे तक बैठ जाए | पिछली पोस्ट का लिंक ऊपर है,ताकि आप विस्तार में समझ सके, कि यह प्रयोग आपको कैसे करना है।

     आपको एक बार फिर से याद दिला दूं कि  इस प्रयोग में केवल थोड़ी सी एकाग्रता चाहिए और बहुत सारी कृतज्ञता की भावनाएं चाहिए... हर उस चीज के लिए,  जो दिख रही है या नहीं दिख रही है, परंतु आपको सुख और खुशी देती हैं |😊

InThis Article

  • कृतज्ञता प्रयोग में जादुई पत्थर किस तरह का हो
  • इस जादुई पत्थर का इस्तेमाल कैसे करना है
  • कृतज्ञता प्रयोग के लिए डायरी पेन लेकर.....
  • कृतज्ञता प्रयोग के 4 पॉइंट्स
  • निष्कर्ष

"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।



कृतज्ञता प्रयोग में जादुई पत्थर किस तरह का हो

जैसा कि शीर्षक से स्पष्ट है.. जादुई पत्थर... जी हां इस अभ्यास में हमें एक पत्थर की आवश्यकता होती है, कृतज्ञता पत्थर को संसार के बहुत से लोगों ने सफलतापूर्वक आजमाया है,  और इसकी बदौलत पैसा,  उपचार,  और प्रसन्नता पाई है...खोजें.. यह पत्थर इतना छोटा होना चाहिए कि आपकी हथेली में समा जाए और आप इसे मुट्ठी में बंद कर सके, चिकना पत्थर चुने, जिसके कोने नुकीले ना हो,  जिसका वजन ज्यादा ना हो या फिर जिसे हाथ में थामने पर आपको वाकई अच्छा महसूस हो.. यदि आपके घर के आसपास बगीचा हो या फिर नदी,  समुद्र या तालाब के किनारे या पार्क से आप ऐसा पत्थर चुन सकते हैं या हो सकता है आपके पास पहले से ही कोई कीमती पत्थर हो जिसका इस्तेमाल आप जादुई पत्थर के रूप में कर सकते हैं|

  इस पत्थर को अपने सिरहाने या ऐसी जगह रखें, जहां सोने जाते वक्त यह निश्चित रूप से आपको दिखाई दे |

 

जादुई पत्थर का इस्तेमाल कैसे करना है

अलार्म घड़ी और फोन के पास इसे रखा जा सकता है। रात आप सोने के लिए बिस्तर पर जाएं तो उससे ठीक पहले अपना पत्थर उठाएं, एक हाथ की हथेली में थामें और  मुट्ठी बंद कर ले. दिन भर में हुई सारी  घटनाओं और चीजों के बारे में विचार करें |आज हुई सबसे अच्छी चीज के बारे में सोचें जिसके लिए आप कृतज्ञ हैं, फिर उस सबमें अच्छी चीज़ के लिए धन्यवाद  कहें | इसके बाद इस  पत्थर  को दुबारा अपनी जगह  पर रख दें  और बस काम ख़तम !! अगले 21 दिन तक हर रात यही अभ्यास  करें….. दिन भर की  घटनाएं सोचें, उनमें से अच्छी  चीज़ खोजें, पत्थर को हाथ में लेकर उस चीज़ के लिए अधिकतम  कृतज्ञ हों, और धन्यवाद  कहें..


कृतज्ञता अभ्यास मैं जादुई पत्थर का महत्व

पत्थर  का इस्तेमाल करना बहुत ही सरल लग सकता है लेकिन इस अभ्यास  के साथ आप पाएंगे कि आपके जीवन में possitivity सकारात्मकता आने लगी है, इस अभ्यास से आप हर रात कृतज्ञता के साथ सोयेंगे,  और हर सुबह कृतज्ञता के साथ उठेंगे | ये दोनों अभ्यास  बहुत ही शक्तिशाली  हैं, क्योकि अवचेतन मन (sub conscious mind) की अवधारणा तो सबको पता है, जब इस तरह के शक्ति- शाली विचार और संकल्प  हमारे अवचेतन मन में बैठ जाते हैं, तभी हमारी जिंदगी बदलती है|


कृतज्ञता प्रयोग -- डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….


1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं जिनके लिए आप कृतज्ञ है |


2…..यह लिखे कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ है |


3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें,  जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द न्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उन नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस  करें |


4….आज रात  सोने जाने से पहले अपना जादुई  पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में  हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई  शब्द 'धन्यवाद'  कहें |


 निष्कर्ष

इस तरह से आपको ये चारों अभ्यास रोज़ करने हैं पूरी ईमानदारी से, दिल से | मैं  21 दिन के अभ्यास में आपको विषय और इस से सम्बंधित कुछ शक्ति शाली विचार देती रहूँगी ताकि आप आसानी से उनका प्रयोग कर सकें, आप उन विचारों में फेर बदल भी कर सकते हैं, शब्द आपके भी हो सकते हैं, कृतज्ञता का अभ्यास एक कड़ी, श्रँखला या सीरीज है। मैं समय समय पर इनको करती रहती हूँ। इस तरह कृतज्ञता के अभ्यासों द्वारा मैं अपने को भरपूर करती हूँ ...मुझे अपने जीवन में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होती ।इस मंच पर मैं आपसे अपने अनुभव शेयर करती हूँ कुछ चिंतन योग्य...ताकि आप भी उनका लाभ लें सकें ।. इसको सीखने के लिए आपको मेरे साथ बने रहना होगा। यदि इस विषय से संबंधित कोई दुविधा है तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं। मेरे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद 😊🙏✍️









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