कृतज्ञता का प्रयोग- पांचवा दिन- धन संपदा का आभार 1

  

" कृतज्ञता संपन्नता है शिकायत विपन्नता है"

ॐ शांति    कृतज्ञता के अभ्यास में स्वास्थ्य और संबंधों के बाद हमारे जीवन में धन का महत्व है..  हमारे जीवन में धन सब कुछ नहीं है.... लेकिन बहुत कुछ है इसे नकारा नहीं जा सकता| कृतज्ञता की शक्ति और प्रेम की आकर्षण शक्ति के पास आपकी मनचाही चीज आप तक पहुंचाने के अनगिनत तरीके हैं.... पैसा उनमें से एक है,  धन सिर्फ एक साधन है... जिससे हम जीवन में प्रिय चीज़े पा सकते हैं.. सिर्फ पैसे के बारे में सोचने से हमें जितनी ख़ुशी मिलती है,  उससे ज्यादा खुशी पैसे से संभव चीज़ों के बारे में सोचने से मिलती है |

इस लेख में...

  1.  कृतज्ञता क्या है
  2.  धन संपदा के बारे में हमारे विचार धारणाएं
  3.  धन संबंधी अभाव के मुख्य कारण
  4.  कृतज्ञता अभ्यास में धन को बढ़ाने के उपाय
  5.  कृतज्ञता प्रयोग, पांचवा दिन,धनसंपदा
  6.  निष्कर्ष

हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।

कृतज्ञता क्या है

''कृतज्ञता के अभ्यास के 21 दिन में हम यह समझ रहे हैं कि जीवन के हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, ताकि छोटी से छोटी इच्छा और बड़े से बड़े सपने साकार हो जाएं। हमें अपने जीवन में जो कुछ मिला है उसके लिए ब्रह्मांड से, प्रकृति से, संसार की सर्वोच्च सत्ता से, देवी देवता से सदैव आभार और शुकराना करना है, जिसे हम कृतज्ञता कहते हैं। "कृतज्ञता का अभ्यास" एक सीरीज, कड़ी या श्रंखला है जो 21 दिन का प्रयोग है,ताकि हमारे अवचेतन मन में कृतज्ञता की भावना गहरे तक बैठ जाए | कृतज्ञता का अभ्यास और प्रयोग हमारी जिंदगी को खुशनुमा और शानदार बनाता है।


धन जीवन की मुख्य आवश्यकता है
  

धन संपदा के बारे में हमारे विचार धारणाएं

   धन के बारे में आपके मन में कैसी भावनाएं हैं? आप कैसा महसूस करते हैं? ज्यादातर लोगों का जवाब होगा... 'उन्हें धन से प्रेम है'...लेकिन नहीं......... 
  यदि किसी के पास उसकी जरूरत के हिसाब से सारा पैसा है, तो इसका मतलब यह है कि पैसे के बारे में उसकी भावनाएं अच्छी है |
   यदि किसी के पास पर्याप्त पैसा नहीं है, तो इसका अर्थ यह है कि पैसे के बारे में उनके मन में अच्छी भावनाएं नहीं है, इस तरह एक ही पल में यह जान सकते हैं कि हम पैसे के बारे में क्या सोचते हैं??
   आखिर पैसे के संबंध में ज्यादातर लोगों की भावनाएं अच्छी क्यों नहीं होती? इसका कारण यह नहीं है कि वह गरीब घर में पैदा हुए, गरीबी में पले बढ़े| कारण है उनकी सोच....
  पैसे के संबंध में वे नकारात्मक सोचते हैं.. यह नकारात्मक भाव और धारणाएं अवचेतन मन में बचपन में ही भर दी जाती हैं 

   जैसे... 'हमारे पास इसे खरीदने के लिए पैसे नहीं है... पैसा बुरा है, अमीर लोग बेईमान होते है, अमीर बनने की इच्छा गलत है आध्यात्मिक नहीं है, ज्यादा पैसे का अर्थ है कड़ी मेहनत, या फिर पैसा अपने साथ बुराइयाँ लेकर आता है.. आदि आदि 
इस तरह के विचारों और धारणाओं द्वारा हम यह सीखते हैं कि पैसे की इच्छा गलत है... हमें उसके साथ यह भी बताया जाता है कि आपको जीवन यापन करने के लिए पैसे कमाने हैं!! धन संबंधी नकारात्मक धारणाओं की वजह से आकर्षण का नियम भी काम नहीं करता|

धन संबंधी अभाव के मुख्य कारण

  आपके जीवन में पैसा कम है, इसका कारण केवल इतना है कि आप पैसे के बारे में अच्छी भावनाएं ना दे करके बुरी भावनाएं ज्यादा दे रहे हैं, ज्यादातर लोग यही करते हैं... इसीलिए दुनिया की अधिकांश धन दौलत 10% लोगों के हाथों में ही है | तो यह समझ ले... गरीब महसूस करने से ही मनुष्य गरीब होता है |
  

   आपके जीवन में धन की कमी है, तो यह बात अच्छी तरह गांठ बांध लें........ धन को लेकर चिंतित, ईर्ष्यालु, निराश, हताश, शंकालु या भयभीत होने से आपके पास कभी भी अधिक धन नहीं आएगा.... धन को लेकर शिकवा, शिकायत करना, विवाद करना, कुंठित होना, किसी चीज की कीमत के बारे में आलोचना करना या पैसे के बारे में किसी दूसरे को बुरा महसूस कराना, यह कृतज्ञता नहीं है...... इससे आपका जीवन कभी भी बेहतर नहीं होगा!!


कृतज्ञता अभ्यास में धन को बढ़ाने के उपाय

  अपने जीवन में धन को जादुई ढंग से बढ़ाने के लिए आपको अपनी वर्तमान स्थिति को दिमाग से बाहर निकालना होगा, और जो भी पैसा आपके पास है, चाहे वह कम है, उसके प्रति कृतज्ञता महसूस करनी होगी... यह बात सामान्यतय लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण और मुश्किल हो सकती है... क्योंकि वह धन की कमी से जूझ रहे है, लेकिन सरलह्रदय से इस कृतज्ञता के अभ्यास द्वारा और प्रेम के आकर्षण द्वारा वे अपने जीवन की आर्थिक परिस्तिथियों को बदल सकते हैं|😊

  कुछ मिनट बैठ कर के अपने बचपन के बारे में सोचें..... जब आपके पास पैसा या तो था ही नहीं या फिर बहुत कम था, फिर भी आपको सारी चीजें मुफ्त मिली हुई थी.. पर्याप्त भोजन, ठीक-ठाक मकान, कई सालों की शिक्षा, जरूरत का सभी सामान, अच्छे कपड़े.. क्या सब के लिए कृतज्ञ हैं? ... क्योंकि जब आप अतीत में मिले धन के लिए सच्ची कृतज्ञता महसूस करते हैं,, तो भविष्य में आपका धन भी जादुई तरीके से बढ़ता है, सृष्टि का यही नियम है |

  अपने जीवन में मिली इस आर्थिक समृद्धि के लिए सचमुच कृतज्ञ हों .. आप जितने ज्यादा ईमानदार होते हैं जितना अधिक कृतज्ञता महसूस करते हैं.. आपकी आर्थिक परिस्थितियां भी उतनी ही तेजी से बदलती हैं|

इस प्रयोग से आप यह नहीं जान पाएंगे कि आपका धन कैसे बढ़ेगा? लेकिन संभव है कि इस दौरान आप अपनी परिस्थितियों में बदलाव को अनुभव करेंगे, जैसे:-

   आप वह धन पा सकते हैं, जिसके बारे में आपको एहसास ही नहीं था कि वह आपका है|
कोई चीज डिस्काउंट, रिबेट या कम लागत में मिल सकती है|
आप को सभी प्रकार की भौतिक चीजें उपहार में मिल सकती है, जिन्हें खरीदने में पैसा लगता है तो आप उसके लिए वाकई कृतज्ञ हो...., इस परिस्थिति का अर्थ है कि आपको धन मिला है, आप कृतज्ञ बनकर अपने धन को बढ़ाने और कई गुना करने की शक्ति का इस्तेमाल करें|


कृतज्ञता के शक्तिशाली विचार दे कर के धन को बढ़ाया जा सकता है

   एक प्रयोग आप और कर सकते हैं... आप एक नोट या डॉलर नोट लें और उस पर स्टीकर चिपका दें, और स्टीकर पर यह लिख दे.. "उस सारे धन के लिए धन्यवाद जो मुझे जीवन भर दिया गया है"इस नोट को अपने पास रखें और दिन में एक बार या दो बार इसे निकालें, लिखे हुई शब्दों को पढ़ें.. धन्यवाद के साथ और आर्थिक समृद्धि को दिल से फील करें।

आपको एक बार फिर से याद दिला दूं कि इस प्रयोग में केवल थोड़ी सी एकाग्रता चाहिए और बहुत सारी कृतज्ञता की भावनाएं चाहिए... हर उस चीज के लिए, जो दिख रही है या नहीं दिख रही है, परंतु आपको सुख और खुशी देती हैं |😊

    कृतज्ञता प्रयोग --पांचवा दिन (धन संपदा ) डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….

1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं जिनके लिए आप कृतज्ञ है। यह लिखें कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ है।

2....आपकी आज की सूची में धन सम्बंधित सकारात्मक विचारों की संख्या पांच या दसों हो सकती हैं |जैसे.. उस सारे धन के लिए धन्यवाद जो मुझे जीवन भर दिया गया है

3…..अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें,  जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उस नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस  करें।

4….आज रात  सोने जाने से पहले अपना जादुई  पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में  हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई  शब्द 'धन्यवाद'  कहें।

निष्कर्ष

धन संपदा पर कृतज्ञता का प्रयोग आपको कैसा लगा? इसी कड़ी में, कृतज्ञता प्रयोग का छठा दिन - धन संपदा 2 पढ़ना ना भूले।कुछ शक्तिशाली विचार 'धन' से सम्बंधित और भी हैं, जिन्हे हम अपनी इस पोस्ट में चर्चा कर रहे हैं , जैसे कि
धन जब हमें मिले या हम खर्च करें तो, हमारे विचार क्या हों? ताकि धन सच्चे मित्र की भांति हमारा ताउम्र साथ निभाए, हमें जीवन की सारी खुशियाँ और वैभव दे
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मुश्किल समय के लिए धन संग्रह करना





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