ॐ शांति... हर गलती एक छिपा हुआ वरदान है… आज के इस कृतज्ञता के अभ्यास के 14वें दिन, हम यह देखेंगे, कि हर गलती के भीतर अनकहे वरदान छिपे रहते हैं !!
- बचपन, गलतियों का घर
- गलतियां... तो साथ में स्वीकार का नियम
- गलतियां,हमें सिखा कर जाती है
- कृतज्ञता प्रयोग में गलती पर कुछ पॉजिटिव विचार
- गलती में वरदान और सीख ढूंढना
- कृतज्ञता अभ्यास,14वां दिन गलतियों को वरदान में बदलें, चार मुख्य बिंदु
- निष्कर्ष
बचपन, गलतियों का घर
आज एक बार फिर से चलते हैं बचपन की ओर.. जहां हम कितनी गलतियां करते रहते थे ! गलतियां करके ही सीखते थे ! हमारे माता-पिता और बड़े लोगों को यह पता था...कि सीखने की प्रक्रिया में गलती करके ही हम सीख पाएंगे और उस में माहिर हो पाएंगे…. तो फिर ऐसा क्यों होता है ? बड़े लोग जब गलतियां करते हैं, तो वे खुद पर इतने सख्त क्यों होते हैं ?? जो नियम बच्चों पर लागू होता है, बड़ों पर भी लागू होता है |
हमारे पास अपने खुद के विकल्प चुनने की स्वतंत्रता होती है, इसका मतलब यह है कि हमारे पास गलतियां करने की भी स्वतंत्रता होती है…. गलतियों से चोट पहुंच सकती है, लेकिन यदि हम अपनी की हुई गलतियों से नहीं सीखते हैं, तो इसका अर्थ यह है कि जिस वजह से जो हमें चोट पहुंची, वह व्यर्थ हो गई |
गलतियां... तो साथ में स्वीकार का नियम
हम इंसान हैं, और हमसे गलतियां निश्चित तौर पर होंगी, लेकिन हमको अपनी गलतियों से सीखना चाहिए, वरना हमारे जीवन में बहुत सा अनावश्यक दुख दर्द आ जाएगा…... क्योंकि गलतियां, अधिक गलतियों को आकर्षित करती हैं, और वरदान अधिक वरदानों को आकर्षित करते हैं…... आप किस को अधिक पसंद करेंगे..? हम तेज गति से गाड़ी चला रहे हैं !! इस तथ्य की जिम्मेदारी लेने के बजाय हम पुलिस वालों को दोष देते हैं कि उन्होंने हमारा चालान बना दिया? या फिर वो झाड़ियों में छुपे हुए थे? हमने देखा नहीं? या हमारे पास बचने का कोई मौका नहीं था?? आदि | देखा जाए तो गलती हमारी थी….. क्योंकि हमने ही तेज गति से गाड़ी चलाने का विकल्प चुना था !
कृतज्ञता प्रयोग में गलती पर कुछ पॉजिटिव विचार
एक उदाहरण देखते हैं :---पुलिस कार द्वारा तेज़ गति से गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर आप पर जुर्माना हुआ…… कृतज्ञता के प्रयोग से आपकी सोच के कुछ पॉजिटिव विचार….
- मैं पुलिस वालों के प्रति कृतज्ञ हूं, वे मुझे चोट पहुंचाने से रोकना चाहते हैं…|
- मैं पुलिस वालों के प्रति कृतज्ञ हूं, उन्होंने मुझ पर जुर्माना लगाया, उस समय मेरा ध्यान सड़क पर नहीं था…|
- मैं पुलिस वालों के प्रति कृतज्ञ हूं, वे तो बस मेरे और मेरे परिवार के जीवन की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं….|
- मैं पुलिस वालों के प्रति कृतज्ञ हूं, सख्त अनुशासन द्वारा वे व्यक्ति और परिवार की सुरक्षा करते हैं… |
- पुलिस वालों की गंभीरता से मुझे यह समझ आया, कि मैं स्वयं और दूसरों को गंभीर खतरे में डाल रहा था..|
- पुलिस वालों के जुर्माने से मुझ पर असर पड़ा, अब मैं ज्यादा सावधानी से गाड़ी चलाउंगा.. |
दो सवाल... जिनको पूछना है आपको अपने आप से……
1….मैंने गलती से क्या सीखा??
2….वह कौन सी अच्छी चीजें हैं, जो गलती के फल स्वरुप सामने आईं ??
गलती में वरदान और सीख ढूंढना
हर गलती के बारे में कृतज्ञ होने की सबसे अहम चीजें होती है, जो आपने उस से सीखी… उन्होंने आपके भविष्य को बेहतर बनाया | इसके बारे में बहुत सावधानी से सोचेंगे और देखिए कि आप गलती से वरदान ढूंढ सकते हैं……???? तो उन गलतियों को सोचें , जो आज भी आपको बुरा महसूस कराती हैं… उन्हें याद करें, समय लगा कर के गलती में वरदान और सीख को ढूंढे !!! धन्यवाद😊🙏✍️
कृतज्ञता प्रयोग -- 14वाँ दिन- गलतियों को वरदान में बदलें … डायरी पेन लेकर के बैठें , सुबह का कोई भी एक समय नियत कर सकते हैं….
1….सुबह सबसे पहले अपने जीवन की दस नियामतों की सूची बनाएं, जिनके लिए आप कृतज्ञ है | लिखें कि आप हर नियामत के लिए क्यों कृतज्ञ है |
2… एक गलती को चुनें, जो आपने जीवन में की है, उसके फलस्वरूप कुछ वरदान ढूंढें … अपने से सवाल पूछें…. मैंने गलती से क्या सीखा !! और इस गलती के फलस्वरुप कौन सी अच्छी बातें हुई ??
3….अपनी सूची या तो मन ही मन या फिर जोर से पढ़ें, जब आप अंत में पहुंचे तो जादुई शब्द धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद लिखें और उस नियामतों के लिए ज्यादा से ज्यादा कृतज्ञता महसूस करें |
4….आज रात सोने जाने से पहले अपना जादुई पत्थर एक हाथ में थामें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज के लिए जादुई शब्द 'धन्यवाद' कहें |
निष्कर्ष
कृतज्ञता प्रयोग का 14 दिन,गलतियों को वरदान में बदले, यह लेख आपको कैसा लगा? अपने विचार कमेंट के माध्यम से अवश्य बताएं ।धन्यवाद 😊🙏✍️
0 टिप्पणियाँ