आकर्षण /प्रेम द्वारा निर्माण के 4 चरण


अपनी चीजों के बारे में सोचें.. लेकिन कुछ अलग तरह से।
       
     ॐ शाँति...  प्रेम की शक्ति हमारी जिंदगी को बदल सकती है| अपनी हर मनचाही चीज को अत्यधिक प्रेम और आकर्षण के द्वारा पाने के लिए  हमें प्रेम की शक्ति का दोहन करना होगा | जिंदगी में हमें मनचाही चीजें पाने  के लिए छोटे-छोटे चरणों का प्रयोग करना है .....

1.कल्पना करें

2. खेल करें

3. महसूस करें

4.  प्राप्त  करें 

             इन चारों के लगातार अभ्यास से यह  हमारी आदत में शामिल हो जाता है और हमारे लिए कोई भी चीज अप्राप्य और अलब्ध नहीं रहती|

 प्रेम और आकर्षण की शक्ति कैसे काम करती है 1

 प्रेम और आकर्षण की शक्ति कैसे काम करती है 2

 इस लेख में.....

  •  अपनी मनचाही चीज पाने के लिए प्रेम और आकर्षण के चार चरणों का प्रयोग करना है
  •  हमें जो चाहिए उसके प्रति तीव्र प्रेम और आकर्षण चाहिए
  •  मनचाही चीज की पूरा होने की कल्पना करें
  •  यह खेल खेले और दिल से महसूस करें
  •  अत्यधिक प्रेम के द्वारा इसे प्राप्त करें

"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।


   आकर्षण का नियम एक गूंज की तरह होता है क्योंकि आप जो भी भेजते हैं उसी की गूंज आपके पास वापस लौटती है या फिर यूं समझ ले आकर्षण का नियम एक फोटो कॉपी मशीन की तरह है जो भी आप देते हैं उसी की हूबहू प्रतिलिपि आपको मिलती है |

जॉर्ज बर्नार्ड शा के शब्दों में ,
"कल्पना सृजन का आरंभ है ,आप अपनी मनचाही चीज की कल्पना करते हैं अपनी कल्पना पर दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रयोग करते हैं ,और अंत में अपनी मनचाही चीज का सृजन कर लेते हैं|"

     आपका जीवन वैसा ही है ,जैसा आप इसे बनाना चाहते हैं जिस चीज को भी चाहते हैं उसकी कल्पना करें ....

  •      कल्पना करें कि यदि आप वह सब कर सकते जो आप करना चाहते हैं तो आपको कैसा महसूस होता ...
  •      कल्पना करें यदि आपके  कैरियर में पंख लग जाते तो आपको  कैसा महसूस  होता .....
  •       कल्पना करें कि यदि आपके पास मनचाही चीजें करने के लिए मनचाहा पैसा होता तो आपको कैसा महसूस होता ....

             जाहिर  सी बात है बहुत  ख़ुशी महसूस होगी ...उस ख़ुशी को अभी दिल की गहराई से फील करें जैसे कि आप ने उसे अभी पा लिया |

       अपनी हर मनचाही चीज और मनचाहे जीवन की कल्पना करने के लिए अपनी सभी इंद्रियों का इस्तेमाल करें ...अपनी बात और विचारों में कहिये .... कल्पना करें कि..... .........

      और फिर जो चाहते हैं उससे बाकी का वाक्य पूरा करें |अगर आप किसी मित्र से बातचीत कर रहे हैं ,और वह शिकायत कर रहा है कि उसके किसी सहकर्मी को प्रमोशन मिल गया और उसे नहीं मिला तो यह कह कर उसकी मदद करें.....कि 

      कल्पना करें कि आपको इस वजह से यह प्रमोशन नहीं मिला क्योंकि आपको उससे किसी ज्यादा तनख्वाह वाली जगह पर बड़ा प्रमोशन मिलने वाला है |यह हकीकत है ,क्योंकि यह संभावना पहले से ही मौजूद है, अगर वह इसकी कल्पना कर सकता है ,और महसूस कर सकता है ,तो वह इसे प्राप्त भी कर सकता है |          
       आपकी कल्पना की हुई चीज अदृश्य में है ....पहले से ही पूरी तरह निर्मित है और उसे भौतिक जगत (अपने ) तक लाने का तरीका आप जान चुके हैं....     आपको केवल अपनी मनचाही चीज की कल्पना और एहसास करके प्रेम की शक्ति का दोहन करना  है|
                                               
अपनी हर चीज को दिल से चाहे
प्रेम और आकर्षण के द्वारा अपनी चीजों को पा लें












 




    आप यह भी कल्पना कर सकते हैं .....सपनों की नौकरी ,सुंदर घर ,बड़ी सी गाड़ी आपके पास पहले से ही मौजूद है ,और इस कल्पना के लिए आपको नाटक   (khel) और ज्यादा सामानों का इस्तेमाल करना चाहिए| जैसे कि ...
      

       अपनी इंद्रियों का इसमें इस्तेमाल करें .....इन सामानों (कल्पना का घर,गाड़ी) आदि को महसूस करें ..इसमें बैठें  ...इसे देखें  और कल्पना में सुने...
उदाहरण के लिए... 
         एक व्यक्ति ने जब मनचाही नौकरी की कल्पना में अपनी सारी इंद्रियों का प्रयोग किया तो अचानक कई जगह से इंटरव्यू के लिए बुलावा आ गया ...आश्चर्य पिछले 3 वर्षों से वह लगातार नौकरी खोज रहा था ,लेकिन जब उसने कल्पना  करने की सही प्रक्रिया का उपयोग किया तो उसे तुरंत फल मिला |
     
      उसने अपनी पूरी कल्पना शक्ति और सारी इंद्रियों का इस्तेमाल किया था ...... अपना सुंदर ऑफिस ,बढ़िया कंप्यूटर ,शानदार फर्नीचर आदि की कल्पना की अपने सहकर्मियों की भी कल्पना की और नतीजा जानकर आप हैरान होंगे कि ठीक 7 महीने बाद उसे दो बढ़िया कंपनियों के प्रस्ताव आए ,जिसमें से उसने अपनी मनचाही सपनों की नौकरी चुनी ..

 कहा गया है कि आप शिद्दत से जिस चीज़ को चाहो तो कायनात भी उसे आपको देने में लग जाती है।
क्रिश्चियन डी लार्सन के शब्दों में ,
"मास्टरमाइंड का समूचा रहस्य कल्पना के उपयोग में छिपा है|"

      इतिहास गवाह है ...जिन लोगों ने असंभव की कल्पना करने का साहस किया ,उन्होंने ही हर क्षेत्र में चाहे विज्ञान हो या चिकित्सा, खेल हो या कला, तकनीक या प्रौद्योगिकी  हो ...में अपना नाम अंकित किया। अपनी कल्पना की सीमाओं को तोड़कर उन्होंने दुनिया को बदल कर रख दिया।

अगर आपकी जिंदगी में यह सब छूट गया है तो फिर से कनेक्ट करें




























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