प्रेमभाव द्वारा प्राप्तियां

      आकर्षण और प्रेम के नियम द्वारा हम अपने जीवन में  मनचाही चीज़ो को कैसे प्राप्त कर सकते है? खेल से !..जी हाँ ! आईये देखते हैं --

आकर्षण के नियम द्वारा हम असंभव चीजों को भी सरलता से पा सकते हैं



" छोटे बच्चों को देखकर प्रेम का नियम सबसे अच्छी तरह समझा और सीखा जा सकता है।"
महात्मा गांधी 
        खेल मजेदार होते हैं इसलिए खेलते समय हम सब वाकई अच्छा महसूस करते हैं जीवन के किसी मोड़ पर हम बचपन की तरह खेलना , और मजे लेना छोड़ देते हैं, गंभीर हो जाते हैं लेकिन यह गंभीरता हमारे जीवन में गंभीर परिस्थितियां ले आती है  यह आप सबने भी महसूस किया होगा।

 इस लेख में...

 प्रेम और आकर्षण की शक्ति में  कल्पना का नाटक कैसे करें
 प्रेम और आकर्षण के नियम में कोई चीज़ छोटी या बड़ी नहीं होती
 मान्यताओं और विश्वास के द्वारा ही हमारे संसार का निर्माण होता है
 अंत में....

"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।
स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।

प्रेम और आकर्षण की शक्ति में कल्पना का नाटक कैसे करें.....

        आकर्षण के नियम के साथ खेले, और अपनी कल्पना का उपयोग करके खेलों का आविष्कार करें ....क्योंकि आकर्षण के नियम को यह पता नहीं होता या परवाह ही नहीं होती कि यह आपकी कल्पना है या वास्तविकता। आप कल्पना और खेल द्वारा जो भी देंगे, वही वास्तविक बन जाएगा। कल्पना का इस्तेमाल करके नाटक करे ,खेल खेले और उसे महसूस करें ,उस पर यकीन करें।

     नील आर्मस्ट्रांग ,अर्नाल्ड श्वाजनेगर , निकोला टेस्ला इन सभी ने अपनी कल्पना के साथ खेल खेले ..अपने सपनों को तहे दिल से महसूस किया और वास्तविकता में बदल पाए।

     मान ले ...आपका वजन जरूरत से ज्यादा या कम है -अब बताएं... यदि आपका वजन इस समय आदर्श होता तो आप कैसा महसूस करते ? जाहिर है ..इस वक्त से अलग ... आपकी हर चीज बदल जाती ,अलग तरह से चलते , बोलते, काम करते|बिलकुल ऐसी चाल ,अभी चलिए , वैसे अंदाज में अभी बात करें कि आपका वजन अभी आदर्श हो गया है, प्रबल भावना से इसे महसूस करते हैं, और आकर्षण के नियम के पास भेज देते हैं ..तो आपको मनचाही चीज मिल जाती है|इसके लिए आपको विश्वास करना होगा ...
आकर्षण का नियम.. थोड़ा धैर्य, विश्वास और इंतजार


" ईसा मसीह ने कहा है विश्वास करने वाले के लिए सब कुछ संभव है।"

      जब आप दूसरे लोगों, वस्तुओं ,स्थितियों या परिस्थितियों के सुझाए तरीके से सोचने लगते हैं.... तो दरअसल आप अपने मनचाहे तरीके से नहीं सोच रहे है |आप अपनी नहीं ..बल्कि उधार की इच्छाओं का अनुसरण कर रहे हैं ,आप क्या सोचना और करना चाहते हैं.. यह तय करने के लिए अपनी कल्पना का इस्तेमाल करें।
    
    मनुष्य के पास मस्तिष्क है जहाँ सदा ही विचार चलते हैं .. कि हम जो चीजें चाहते हैं वे बहुत बड़ी है !असंभव है! इसलिए उन्हें हासिल करना मुश्किल होगा!...आप भी यही सोच रहे होंगे ! है ना !!        
     
    इस तरह के विचार द्वारा ...वास्तव में हम यह आकर्षण के नियम से कह रहे होते हैं .....यह असंभव है इसे हासिल करना मुश्किल है.. या इसमें बहुत समय लगेगा तो हमारी यह बात बिल्कुल सही साबित होगी ! क्योंकि जैसा हम सोचते हैं और महसूस करते हैं वैसा ही हम को मिलता है और यहाँ पर हम ही उसको साकार नहीं होने दे रहे हैं...!

प्रेम और आकर्षण के नियम में कोई चीज़ छोटी या बड़ी नहीं होती


      हमेशा याद रखें.... आकर्षण के नियम के लिए कोई भी चीज छोटी या बड़ी नहीं  होती ..आकर्षण के नियम के लिए कोई बंधन नहीं होता| आपकी मनचाही चीज चाहे कितनी बड़ी हो -उसकी कल्पना एक बिंदु की तरह करें| आपकी इच्छा कुछ भी हो सकती है.. मकान ,कार , सैर सपाटा ,धन , आदर्श जीवन साथी ,सपनों की नौकरी, बेहतरीन सेहत आदि। आपकी इच्छा अभिनेता, वकील, टीचर आदि बनने की हो सकती है ...विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की हो सकती है, जो भी हो..... उसकी कल्पना एक बिंदु की तरह करें ...क्योंकि आकर्षण और प्रेम की विराट शक्ति के लिए आपकी इच्छा एक बिंदु से भी ज्यादा छोटी है।

विलियम शेक्सपियर ने कहा है ,
"हमारी शंकाएं ही गद्दार हैं और उनकी वजह से हम उस अच्छी चीज से वंचित रह जाते हैं जिसे हम आमतौर पर जीत सकते हैं |"

मान्यताओं और विश्वास के द्वारा ही हमारे संसार का निर्माण होता है

        कई बार हम यह सोचते हैं कि हमारी कल्पना तो केवल विचार हैं .. स्वप्न हैं ...और संसार में उनकी कोई शक्ति नहीं है. यह भी गलत है क्योंकि यह देखा गया है कि प्रयोगशाला में प्रयोगों के दौरान यह कोशिश की जाती है कि वैज्ञानिक के मन में कोई मान्यता न रहे... क्योंकि वैज्ञानिक के विश्वास और कल्पना का, उनकी सफलता पर असर होता है ....
  उसी तरह हमारे भी विश्वास और मान्यताओं से हमारे जीवन के परिणाम पर असर पड़ता है.. हमारी मान्यताएं चाहे सच्ची हो या झूठी उन्हीं से हमारे संसार का निर्माण होता है आपको केवल विश्वास करना  है।

"जिन चीजों को आप देख और छू सकते हैं, उनमें विश्वास करना सच्चा विश्वास नहीं है।ना दिखने वाली चीजों में विश्वास करना ही सच्ची विजय और वरदान है।"
अब्राहम लिंकन

अंत में ........ 
 
        कल्पना की शक्ति के बारे में खोज जारी है ...अभी तक वैज्ञानिको ने मानव मस्तिष्क में कुछ विशेष मिरर सेल्स प्रतिबिंबन कोशिकाएं खोजी हैं कि कल्पना करते समय यह कोशिकाएं हमारे मस्तिष्क के उन्हीं क्षेत्रों को सक्रिय करती हैं...जो सचमुच शारीरिक कार्य करते समय सक्रिय होती हैं।

    इसका अर्थ यह है कि हम जो अनुभव करना चाहते हैं, उसकी कल्पना करने मात्र से ही हमारा मस्तिष्क तत्काल वैसे ही प्रतिक्रिया करता है जैसे कि वह वास्तविक हो, हमारे पास हो।

 "प्रेमभाव द्वारा प्राप्तियां" यह आलेख आपको कैसा लगा। यदि आपको भी लगता है कि यह आकर्षण और प्रेम के नियम हमारी जिंदगी में बहुत काम करते हैं तो आप अपने विचार हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। धन्यवाद🙏😊✍️
                   
                   
प्रकृति को प्रेम देकर उसे सहयोगी बनाना चाहिए












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