ब्रह्माकुमारीज़
ईश्वरीय विश्वविद्यालय का संक्षिप्त परिचय
- ब्रम्हाकुमारीज़ का संक्षिप्त परिचय
- ब्रम्हाकुमारीज़ के प्रभाग़
- ब्रह्माकुमारीज़ का मुख्य विशाल परिसर
- ब्रम्हाकुमारीज़ का शांत और अलौकिक वातावरण
- ब्रम्हाकुमारीज़ का अति विशेष प्लांट
- ब्रह्माकुमारीज़ एक एनजीओ के रूप में
- ब्रह्माकुमारीज़ का अति विशेष राजयोग मेडिटेशन
- निष्कर्ष
ब्रम्हाकुमारीज़ का संक्षिप्त परिचय
माउंट आबू.... अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में बसा हुआ एक मनोहारी दर्शनीय स्थल है...यहां की पहाड़ियों के बीच स्थित है :- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय। वर्तमान समय इसकी मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी जी है, जिनके कुशल नेतृत्व में इस संस्था के विश्व के 138 देशों में सेवा केंद्र है।
यहां जाती - पाती,भाषा,धर्म और देश का भेद नहीं किया जाता, और विश्व को एक कुटुंब मानकर कऱ भातृत्व की शिक्षा दी जाती है। ब्रम्हाकुमारीज़ विश्वविद्यालय महिलाओं द्वारा संचालित आध्यात्मिक संस्था है।
यदि आपके साथ भी ऐसा है तो यह लेख आपके लिए ही है क्योंकि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ही एकमात्र ऐसी संस्था है, जो मेडिटेशन के द्वारा आपको परमात्मा से जोड़ने का कार्य करती है।
इस संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा (दादा लेखराज) ने माताओं और बहनों को शुरू से ही आगे रखने का फैसला किया। इसी के कारण विश्व की अन्य सभी आध्यात्मिक और धार्मिक संस्थानों के बीच में ब्रह्माकुमारी अपना अलग अस्तित्व बनाए हुए हैं...
पिछले 80 वर्षों से इनके नेतृत्व ने हिम्मत, क्षमा, एकता, पवित्रता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को साबित किया है।
ब्रम्हाकुमारीज़ के प्रभाग
इस संस्था में 18 प्रभाग़ हैं जिनके माध्यम से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलता है। इनमें मुख्य हैं :- मीडिया प्रभाग, शैक्षणिक प्रभाग़, युवा प्रभाग, महिला प्रभाग, ग्रामीण विकास विभाग, साइंटिस्ट और इंजीनियरिंग प्रभाग।
ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्य परिसर
इस विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर हैं :- मधुबन, ज्ञान सरोवर और आबू रोड स्थित विशाल शांतिवन। सभी परिसरों में पूरे साल विश्व भर से लोग कॉन्फ्रेंस, ट्रेनिंग और रिट्वीट के लिए आते रहते हैं। इन परिसरों मे कार्यक्रम को चलाने के लिए बड़े सभागृहों का निर्माण (कॉन्फ्रेंस हॉल) किया गया है। इन सभागृह में 1500 से लेकर 5000 तक के लोगों के बैठने की व्यवस्था है। शांतिवन परिसर में विशाल डायमंड हॉल है, जिसमें 20,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है,यहां पर एक ही समय में 25 भाषाओं में अनुवाद की सुविधा उपलब्ध है।
यहां स्वयं की सत्य - पहचान, परमात्मा का परिचय और समय की पहचान देने के लिए आर्ट गैलरी और म्यूजियम का निर्माण किया गया है, ज्ञान की समझ के साथ-साथ योग की अनुभूति के लिए मेडिटेशन कक्ष भी बनाए गए हैं। यहां के शक्तिशाली आध्यात्मिक वाइब्रेशन सभी में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। इन परिसरों में 25000 तक के भाई बहनों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था की जाती है।
ब्रम्हाकुमारीज़ का शांत और अलौकिक वातावरण
ब्रह्माकुमारीज विश्वविद्यालय के परिसर में प्रवेश करते ही अलौकिक शांति और दिव्यता का आभास होता है। यहां आते ही हर आत्मा (व्यक्ति) के भाग्य की रेखा बदल जाती है, हर एक आत्मा अपने असली स्वरूप को तथा अपने पिता परमात्मा के वास्तविक परिचय को प्राप्त कर अतिंद्रीय सुख की अनुभूति करती है। हर एक आत्मा अपने सद्गुणों से सर्व शक्तियों से ज्ञान और स्नेह के खजानों से भरपूर अनुभव करती है। यह विश्वविद्यालय एक ऐसा प्रकाश स्तंभ है, जिससे आध्यात्मिक प्रकाश की किरणें विश्व के अनेक देशों में फैल रही है।
ब्रम्हाकुमारीज़ का अति विशेष प्लांट
ब्रह्माकुमारीज एन.जी.ओ के रूप में
यह संस्था राष्ट्र संघ में गैर सरकारी संस्थान के रूप में परामर्शदाता के रूप में दर्ज है। एन. जी. ओ. के रूप में यूनिसेफ इकोनामिक एंड सोशल काउंसिल के रूप से अपना महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह किसी भी एनजीओ का विश्व में सबसे अधिक विस्तार है।
ब्रह्माकुमारीज का अति विशेष राजयोग मेडिटेशन
ब्रम्हाकुमारी के प्रत्येक सेवा केंद्र पर राजयोग मेडिटेशन नि:शुल्क सिखाया जाता है,यह कोर्स 1 सप्ताह का है, जिसमें प्रतिदिन एक घंटा समय देना होता है, भारत में बड़े बड़े शहरों से लेकर के गांव में 8,500 से भी अधिक सेवा केंद्र है, जहां जा कर के आप नियमित राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कर सकते हैं, इन सभी सेवा केंद्रों का संचालन मुख्यालय माउंट आबू से होता है।
निष्कर्ष
परमात्मा किसको कहेंगे? क्या सभी धर्मों में उनकी मान्यता है? क्या गीता के भगवान ही परमात्मा है? उनका स्वरूप क्या है? सब कुछ जानने के लिए पढ़ें :----
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