ओम शांति.... मनुष्य का मस्तिष्क एक अनसुलझा और शक्तिशाली यन्त्र है, वैज्ञानिक और मनोचिकित्सक लगातार इसकी कार्यक्षमता पर कार्य कर रहे हैं | यह तो तय है कि संसार के सभी प्राणियों में मनुष्य ही एक ऐसा जीव है, जिसके पास एक चमत्कारिक मस्तिष्क है, जिससे वह सभी असंभव कार्यों को सोच सकता है, कर सकता है, कठिन परिस्थितियों में विजय प्राप्त कर सकता है, और अपने जीवन को खुशनुमा बना सकता है, लेकिन इस कंप्यूटर के समान मस्तिष्क होने पर भी मनुष्य कभी कभी विचलित और परेशान हो जाता है..जैसे... किसी काम को करके वह खुश होता है, और कभी असंतुष्ट होता है, कभी उसी काम को करके वह बोरियत महसूस करने लगता है, कभी अधिक ईर्ष्या और द्वेष महसूस करने लगता है, कभी बीमार महसूस करने लगता है, या फिर जल्दी निर्णय करने में असमर्थ होता है, क्या यह सब आपने अपने साथ भी अनुभव किया है? सब कुछ ठीक होते हुए भी आप खुश क्यों नहीं है? या फिर प्रयास करने पर भी आपको सफलता क्यों नहीं मिल रही है? या फिर कोई संदेश जो बार-बार आपके सामने आता है? और आप समझ नहीं पाते कि इसका क्या अर्थ है?
In This Article
- मनुष्य एक चमत्कारी मस्तिष्क का मालिक है
- ब्रह्मांड के कुछ संकेत, जिन्हें हम समझना नहीं चाहते
- दिल से खुशी महसूस करना भी ब्रह्मांड का एक संकेत
- मन में संदेह और असंतोष भी ब्रह्मांड का एक संकेत
- ब्रह्मांड के संकेत समझने के लिए अपनी शारीरिक स्थिति पर ध्यान दें
- ब्रह्मांड के कुछ सरल से संकेत
दरअसल यह सारे संकेत ब्रह्मांड के हैं, जो हमें कोई ना कोई इशारा देने की कोशिश करते है.... पर हम ध्यान नहीं देते। क्योंकि ब्रह्मांड अद्भुत तरीके से काम करता है.... यह हमें उस मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, जो हमें शांति और सफलता प्रदान करें। ब्रह्मांड हमें हमेशा देने के लिए तैयार रहता है, पर हम उसके संकेतों को नहीं समझते और लेने के लिए तैयार नहीं होते !! तो चलिए देखते हैं -- कौन से वे ब्रह्मांड के संकेत हैं जिन पर हमें ध्यान देना चाहिए.....
दिल से खुशी महसूस करना.. भी ब्रह्मांड का संकेत हो सकता है। जी हां किसी भी कार्य को करते समय जब हम सच्चे आनंद और खुशी का अनुभव करते हैं तो यह संकेत है कि हम सही राह पर हैं, और हम वही कर रहे हैं, जो हमारे लिए सही है ! परंतु इसके विपरीत जब हमारा ही कार्य हमें संतुष्टि नहीं दे रहा... तो इसका अर्थ है कि यह कार्य हमारे लिए सही नहीं है ! ब्रह्मांड की ओर से यह संकेत है कि हमें अपने चीजों में थोड़ा बदलाव करना चाहिए। इसलिए जब आप अच्छा महसूस करें, तो अपने कार्यों को जारी रखें | असंतुष्टता महसूस करने पर उसमें बदलाव लाने के बारे में सोचें।
"हमारी उड़ान" का लक्ष्य है……
स्वयं में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाना।स्वयं में बदलाव लाकर विश्व परिवर्तन करना।
मन में संदेह और अविश्वास की भावना... आना भी ब्रह्मांड का एक संकेत हो सकता है, इसके चलते निर्णय लेने में समस्या होती है.. आप समझ नहीं पाते कि आपको क्या करना चाहिए ? ऐसे में हमें अपने लिए समय निकालने की आवश्यकता है... क्योंकि हमारे अंदर पहले से ही सारे उत्तर है.... लेकिन हम खुद से कनेक्ट नहीं हो पा रहे हैं..... इसलिए उत्तरों को खोजने में सक्षम नहीं है... इसका एक शक्तिशाली तरीका यह है कि आप मौन में बैठे और रोजाना ध्यान करें, जब हम अपने मन के सभी अंतहीन विचारों को, जो हमारे मन में दिनभर चलते रहते हैं, शांत और शुद्ध करने के लिए समय लेते हैं तो हमें अपने अंदर से आ रही आवाज के संदेश को सुनना भी आसान बन जाता है |
कुछ संकेत जो रोज आप देख और सुन रहे हैं, वे चिन्ह ब्रह्मांड के हो सकते हैं, इसलिए अपने सामने आने वाली चीजों पर ध्यान दें.... जैसे कि कोई किताब, या कुछ बोर्ड पर लिखा हुआ, कोई सपना जो हम बार-बार देखते हैं, संभवत यह हमारी आत्मा के लिए जरूरी संदेश लेकर आ रहे हैं.... यदि हमारे दिमाग में कुछ चल रहा है... तो इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है | जिंदगी में घटित घटनाएं, तकलीफें, परेशानियां ब्रह्मांड के संकेत हो सकते हैं, जिनके कारण हम अपनी जिंदगी में कुछ नया सीख पाते हैं, और उनसे जिंदगी का सबक सीख भी सकते हैं |
ब्रह्मांड के संकेतों को समझने के लिए हमें उच्च चेतना अथार्त परमपिता परमात्मा से कनेक्ट होना चाहिए, आध्यात्मिकता को अपने जीवन में लाना चाहिए.... तभी हमारी अंतरात्मा हमें उचित निर्णय लेने में सहायता करती है...अंतरात्मा के निर्णय सदा सभी की भलाई के लिए होते हैं, हमें सफलता दिलाते हैं | "ब्रह्मांड के संकेतों को पहचाने" यह लेख आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में आपके विचार आमंत्रित हैं, धन्यवाद 😊🙏✍️
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